PGIMS Rohtak: दो दलित चिकित्सकों ने लगाया मानसिक उत्पीड़न और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप

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Rohtak news: हाल ही में हरियाणा (Haryana) के रोहतक (Rohtak) से हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है, जहां दो दलित डॉक्टर के साथ उत्पीड़न किए जाने के मामले के सामने आने के बाद से ही पूरे सोशल मीडिया (Social media) पर बवाल मच गया है। दलित डॉक्टर्स का कहना है कि अस्पताल में मानसिक उत्पीड़न और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जाता हैं।

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दलित डॉक्टर्स का मानसिक उत्पीड़न 

पुराने समय से ही दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार का सिलसिला चलता आ रहा है। वर्तमान में भी, कुछ मनुवादी तत्व दलितों को अपने समान नहीं देखना चाहते। यदि कोई दलित ऊँचे पद पर पहुँचता है, तो यह उन मनुवादियों के लिए चुनौती बन जाती है। ऐसा ही कुछ हरियाणा के PGI में देखने को मिला जहाँ दो दलित डॉक्टरों के साथ मानिसक उत्पीड़न किया गया हैं।

दरअसल 5 नवंबर को प्रकाश पर्व के दौरान रोहतक (Rohtak) के पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) में दो दलित डॉक्टरों डॉ. प्रियंका और डॉ. महिपाल ने PGIMS के कई कर्मचारियों पर उन्हें जातिगत भेदभाव और जातिसूचक बातें कह कर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा मरीज सेवा में तत्पर रहने वाले डॉक्टर्स के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है।

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मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

वहीं इस मामले में गुरुवार को जांच किए जाने की उम्मीद की जा रही है। बता दे कि डॉ प्रियंका और डॉ महिपाल पिछले 15 सालों से PGIMS में कार्य कर रहे है और उनके काम में कभी कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन दलित समुदाय से होने के कारण उन्हें लगातार शोषण सहना पड़ रहा है।

वही इस खबर के सामने आने के बाद दलित समाज (Dalit community) दोनों डॉक्टरों के लिए खड़ा हो गया है और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। हालांकि अभी तक संस्थान की तरफ से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वही देखना होगा कि कब तक दलित डॉक्टर्स के साथ न्याय होगा।

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