Bihar politics: हाल ही में बिहार में नई सरकार तैयार हुयी और नितीश सरकार ने अपने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वही चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने राज्य के सभी दलितों का धन्यवाद यात्रा करने का ऐलान किया है।
चिराग पासवान की धन्यवाद यात्रा
जहाँ एक तरफ बिहार में नई सरकार बनकर तैयार हुयी वही एक तरफ राजद नेता तेजस्वी यादव (RJD leader Tejashwi Yadav) ने विधानसभा चुनावो से पहले बिहार (Bihar) अधिकार यात्रा की थी, तो वहीं केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी(रामविलास) (रालोजपा) प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने राज्य के सभी दलितों को धन्यवाद कहने के लिए और उन्हें एकजुट करने के लिए जनवरी महीने से धन्यवाद यात्रा करने का ऐलान किया है। ये यात्रा जनवरी 2026 में खरमास के बाद मकर संक्राति में दही चूरा भोज के तुरंत बाद शूरू की जायेगी।
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दलितों के अधिकार के लड़ाई
इस यात्रा में वो दलितों की स्थिति को और करीब से जानने की, उनकी समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी घोषणा की है कि जमुई के सांसद अरुण भारती (Member of Parliament Arun Bharti) के साथ मिलकर फिर से दलित सेना (Dalit army) को पुनर्जीवित और पुनर्गठित करने की तैयारी कर रहे है। जो राज्य के दलितों के अधिकारों और उनके खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लडेगी। बता दे कि इस वक्त लोजपा (LJP) में टूट के बाद दलित सेना चिराग के चाचा पशुपति पारस के पास है।
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विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत
लेकिन बिहार विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत के बाद चिराग ने तय कर लिया है कि जो दलित सेना उनके पिता राम विलास पासवान ने बनाई थी, वो उस सेना को फिर से खड़ी करेंगे और इस सेना को खड़ी करने की जिम्मेदारी उन्होंने अपने जीजा और जमुई सांसद अरुण भारती के हाथों में दी है। बता दे कि 28 नवंबर को लोजपा का स्थापना दिवस है, जो कि बड़ी धूमधाम से पटना (Patna) में सेलीब्रेट किया जायेगा। देखना ये होगा कि धन्यवाद यात्रा से बिहार के दलितों को कितना फायदा होता है।



