Rajasthan: दलित उत्पीड़न पर गरमाई सियासत, टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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Rajasthan News: हाल के दिनों में राजस्थान से एक महत्वपूर्ण समाचार उभर कर आया है, जिसमें दलितों के अधिकारों के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक विवाद देखा जा रहा है। इस संदर्भ में, टीकाराम जूली ने बजन लाल पर आरोप लगाते हुए अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। 

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सार्वजनिक कुएं को अवैध रूप से हथियाने के मामलें

बीते दो दिन पहले खबर आई थी कि एक BJP नेता ने मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर करके एक दलित के नाम पर करोड़ों की ज़मीन हासिल कर ली है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि राजस्थान से ऐसा ही एक और मामला सामने आया, जहाँ कुछ ताकतवर लोगों ने दलित समुदाय के सरकारी कुओं पर गैर-कानूनी कब्ज़ा कर लिया है।दरअसल राजस्थान के अलवर में पिछले कुछ दिनों में दलितो के लिए बनाये गए सार्वजनिक कुएं को अवैध रूप से हथियाने के मामलें को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tikaram Jully) दलित परिवारो से मिलने पहुंचे थे, जहां उन्होंने दलितो का आपबीती सुनी।

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राजस्थान में कानून व्यवस्था पर सवाल

इस दौरान अलवर के माचड़ी गांव (Machdi village) से आए पीड़ित दलित ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सार्वजनिक कुएं पर कुछ दबंगो ने कब्जा कर लिया है। पुलिस से बार-बार अर्जी लगाने के बाद भी पुलिस कानों में जू तक नहीं रेंग रही हैं और वो दबंगो का ही साथ दे रही है। जिसे लेकर टीकाराम जूली ने तुरंत कलेक्टर से इस मामले में ग्रामीणों की अर्जी पर सुनवाई करने की अपील की है साथ ही इस मामले में शामिल आधिकारियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्यवाई की मांग की है।

भजन लाल सरकार साधा निशाना 

साथ ही दलितो के लिए बनाये सार्वजनिक कुएं को फिर से उन्हें लौटाया जाये। वहीं उन्होंने प्रशासन को ये भी चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द कार्यवाई नहीं हुई तो वो बड़ा आंदोलन करेंगे। बता दे कि इससे पहले भी दलित ने सार्वजनिक कुएं के लिए अर्जी दी थी, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया। इसके अलवा उन्होंने राजस्थान की भजन लाल सरकार पर दलित समुदाय पर ज़ुल्म बढ़ाने और कानून-व्यवस्था की हालत खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कई घटनाओं का ज़िक्र किया, जैसे एक दलित टीचर की हत्या, अमानवीय काम (सीकर में एक दलित युवक के प्राइवेट पार्ट्स पर हमला, उस पर पेशाब करना), और दलितों के साथ जातिगत भेदभाव।

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