272 BNS in Hindi – भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 272 जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की संभावना वाला दुर्भावनापूर्ण कार्य (Malignant act likely to spread infection of disease dangerous to life) से संबंधित है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 272 क्या कहती है? BNS Section 272 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 272 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 272 …यह सेक्शन जानबूझकर किए गए ऐसे कामों पर लागू होता है जिनसे जानलेवा बीमारी फैलने की संभावना हो। कोई भी व्यक्ति जो जानबूझकर (यानी, नुकसान पहुंचाने के इरादे से) ऐसा काम करता है, और जिसे पता है या मानने का कारण है कि इस काम से जानलेवा बीमारी फैलेगी, वह इस प्रावधान के तहत आता है।
BNS 272 Important Points
- यह धारा दुर्भावना के इरादे को ध्यान में रखती है।
- यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की पुरानी धारा 270 का विकल्प है।
- इसका अक्सर उपयोग उन मामलों में किया जाता है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर या द्वेषपूर्ण तरीके से संक्रामक रोगों को फैलाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालता है।
बीएनएस धारा 272 का उदहारण
- For example: अगर किसी व्यक्ति को पता है कि उसे कोई खतरनाक संक्रामक बीमारी है और वह जानबूझकर भीड़ वाली जगह पर दूसरों को इन्फेक्ट करने के इरादे से, बिना कोई सावधानी बरते खांसता या थूकता है, तो उस पर इस सेक्शन के तहत केस चलाया जा सकता है।
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बीएनएस धारा 272 की और सजा
इसके अतिरिक्त, बीएनएस (BNS) की धारा 272 के तहत, यदि किसी व्यक्ति को दोषी (Guilty) ठहराया जाता है, तो उसके लिए सजा निर्धारित की गई है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति लापरवाही से ऐसा कुछ करता है जिससे बीमारी फैलने की संभावना हो। इस सेक्शन के तहत, अपराधी को 2 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके अलवा यह एक संज्ञेय अपराध है, जिसका मतलब है कि पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है। यह जमानती अपराध है। इस पर किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा मुकदमा चलाया जा सकता है।


