Top 5 Dalit news: ऐसा क्यों है कि हर बार ऐसा दिखाने की कोशिश की जाती है कि दलित ही दलित के खिलाफ है, ताकि वो हमेशा बंटे नज़र आयें। जब तक वो बटेंगे नहीं तब तक उन्हें प्रताड़ित करना कहां आसान होगा। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में जानेंगे जो हर उस दलित की आंखें खोल देगी जो अपने समाज के लोगों को अपना दुश्मन समझते है।
चंद्रशेखर आजाद को लेकर एक और वीडियो
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद और उनके अच्छे दोस्त और भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन को लेकर है। कल तक सोशल मीडिया पर विनय रतन का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा था जिसने वो आजाद को धोखेबाज, दगाबाज कह रहे थे, यहां तक कहा था कि आजाद ने उनका अपमान किया और अब उन्हें खुदकुशी करने का मन कर रहा है लेकिन इस विवादित वीडियो की सारी पोल पट्टी खुल गई है। जिसे किसी और ने नहीं बल्कि खुद विनय रतन ने दुनिया के सामने सच्चाई बताई है। विनय रतन ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने पुराने वीडियो को एआई से बनाई वीडियो कहा है।
विनय रत्न सिंह ने बहुजन समाज के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि संघर्ष में जो हमसे बराबरी नहीं कर सकते, वो अब इस घटिया तकनीकी जालसाजी पर उतर आए हैं। बहुजन समाज की आवाज को दबाने के लिए फैलाए जा रहे इस डिजिटल झूठ से हमारे लोगों को सतर्क रहना चाहिए और जब तक ऑफिशल हैंडलर से कोई बात न की जाए उस पर विश्वास न करें। विनय रतन सिंह के इस खुलासे के बाद तो ये साफ हो गया कि विरोधी आजाद को केवल बदनाम करना चाहते हैं लेकिन उनके चाहने वालों की दुआएं उनके साथ है। इस वीडियो के आने के बाद अब देखना ये होगा कि विरोधी आजाद के खिलाफ और कौन सी नई चाल चलते है।
टिहरी गढ़वाल में फिर से ऑनर किलिंग
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल से है जहां एक दलित लड़के को सवर्ण लड़की से प्यार करो इतना भारी पड़ा कि उसकी कीमत उसने अपनी जान देकर दिखाएं। ऑनर किलिंग का ये मामला टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर के खोलगढ़ गांव का है। मृतक केतन लाल के पिता ने बताया कि वो देवल गांव के रहने वाले है। उनका बेटा केतन जीआइसी थापला में 12वी का छात्र था। करीब 6 महीने पहले केतन की लड़की से दोस्ती हो गई थी, और दोनो फोन पर बातें किया करते थे, लेकिन इसकी भनट लड़की के परिवार वालों को लग गई और उन लोगो ने रात को 11 बजे के बाद केतन को लड़की के फोन से मिलने का झांसा देकर बुलाया था।
जब केतन औऱ उसका एक दोस्त दिवाकर डिमरी वहां पहुंचे तो लड़की के परिवार वालों ने दोनो पर हमला कर दिया और लड़की के सामने ही दोनो को मार मार कर अधमरा कर दिया। वहीं घटना की जानकारी केतन के पिता को सुबह हुई जब लड़की के किसी परिजन ने केतन के फोन से उन्हें कॉल कर के बेटे को ले जाने को कहा। पिता ने दोनो लड़को को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन केतन की जब तक मौत हो गई थी, वहीं दिवाकर की हालत गंभीर है। पिता की तहरीर पर लंबगांव के प्रभारी थानाध्यक्ष शिवराम ने तुरंत कार्यवाई करते हुए मुख्य आरोपी यशवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और बाकियों की तलाश जारी है।
बिजनौर में नीजि अस्पताल में दलित महिला का दुष्कर्म
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर से है, जहां एक अस्पताल में एक दलित महिला कर्मचारी के साथ न केवल बलात्कार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है बल्कि पीड़िता का जबरन गर्भपात तक करवाया गया। पीड़िता ने धामपुर पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि हबीब वाला स्थित शिफा नर्सिंग हॉम में वो कर्मचारी है, इसी दौरान उसके संचालक डॉ फैजान ने पहले तो उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार संबंध स्थापित किए और फिर जब वो गर्भवति हो गई तो उसका जबरन गर्भपात करवा दिया। पीड़िता ने ये भी कहा कि उस पर जबरन धर्म परिवर्तन करने और वर्जित मांस खाने का भी दवाब बनाया गया है।
इतना ही नहीं पीड़िता के साथ कई और आरोपियों ने दुष्कर्म किया था, पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर तुरंत कार्यवाई करते हुए फर्जी डॉक्टर समेत शाबान उर्फ शाहनवान, फरमान और आरिफ को भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। वहीं नर्सिंग हॉम को भी सील कर दिया गया है। वहीं स्थानीय हिंदू संगठनों और बीजेरी विधायक ओम कुमार ने भी पीड़िता से मुलाकात कर उसे आश्वासन दिया है कि उसे न्याय जरूर मिलेगा.. वहीं उन्होंनो मांग की है कि नर्सिंम हॉम और फर्जी डॉक्टर की संपत्ति पर इस घिनौने अपराध के बदले बुल्डोजर चलना चाहिए.. अब देखना ये होगा कि पीड़िता की स्थिति को जानने के बाद क्या एक्शन होगा सरकार का और कब तक मिलेगा उसे न्याय।
बेतियां में पेट काटने पर दलित परिवार को पीटा
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के बेतियां से है, जहां एक आम के पेड़ को काटने को लेकर जातिवादी दबंगो ने एक दलित परिवार के घर में घुसकर पूरे परिवार को लाठियों से पीटा, महिलाओं के साथ दुर्व्यावहार किया, मगर हैरानी की बात है कि मदद के लिए पुलिस वालों को बुलाया गया तो उन लोगो ने भी देर रात आकर पीड़ित महिलाओ के साथ अभ्रदता की। ये मामला नरकटियागंज के शिकारपुर थाना क्षेत्र के मढ़िया दलित बस्ती का है। पीड़ित महिला राजकुमारी देवी ने जब पुलिस की कार्यवाई को देखा तो उसने सीधी अपनी अर्जी बिहार दौर पर आए केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे को दी, जिसके बाद तो मानों पुलिस महकमें में खलबली मच गई है।
पीड़िता मे अपनी शिकायत में लिखा है कि 25 मई 2026 को उसने अपना ही एक आम का पेड़ काटा था, लेकिन इससे नाराज गांव के उंची जाति के कुछ दबंगो ने देर रात उसके घर में घुस कर लाठी डंडो से उसके पूरे परिवार को पीटा.. और उल्टा कई तरह के आरोप लगा कर झूठे केस में फंसाने की कोशिश भी कर रहे है। जिसमें पुलिस वाले भी उन्ही का साथ दे रहे है.. आधी रात को जबरन पीड़िता के घर का दरवाजा तोड़ दिया गया, सबको परेशान किया गया।
इस अर्जी के सामने आने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई करने के आदेश जारी कर दिये है, वहीं मामले की निष्पक्ष जांच किये जाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भी आश्वासन दिया है। अब देखना ये होगा कि इस मामले का इस बड़ा मुद्दा बनने के बाद क्या पीड़िता को वाकई में जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।
कोयंबटूर में 2 साल बाद दलित बस्ती में चलेगी बस
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के कोयंबटूर से है, जहां कई सालों से जातिगत भेदभाव के कारण बस सेवा को दलितों की बस्ती में बहाल करने की लड़ाई में आखिरकार दलितों की जीत हुई। कोयंबटूर के थोंडामुथुर ब्लॉक में केम्बनूर के अन्ना नगर के दलित समुदाय के लोग पिछले 2 सालो से जातिगत विरोध के कारण अपने क्षेत्र में बस सेवा को बहाल करने की लड़ाई लड़ रहे थे, जिसे उंची जाति के लोग बहाल नहीं होने दे रहे थे। जबकि इस गांव में 300 दलित परिवार रहते थे, लेकिन बस को गांव तक आने के लिए 500 मीटर चल कर आगे आना पड़ता था, जिसे लेकर 2 साल पहले उंची जाति के लोगो ने विरोध कर दिया था।
जिसके कारण बस सेवा को अन्ना नगर में रोक दिया गया था, उंची जाति वालो का कहना था कि बस अन्ना नगर से चलेगी तो सभी सीटो पर दलित बैठ जायेंगे.. जो उन्हें गंवारा नहीं था लेकिन आखिरकार 2 साल बाद दलितो का संघर्ष रंग लाया और बस सेवा को फिर से बहाल किया कर दिया गया। दलित समुदाय ने इसके लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वन्नी अरसु को इसके लिए धन्यवाद किया है। हालांकि ये बदलाव नई सरकार के आने के बाद ही हुआ है.. ऐसे में ये भी उम्मीद की जा रही है कि थलापति विजय की सरकरा राज्य के दलितों की स्थिति को सुधारने की दिशा में कई कठोर कदम उठायें।



