Mahindra Finance Controversy: हाल ही में नई दिल्ली (New Delhi) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। महिंद्रा फाइनेंस कंपनी (Mahindra Finance Company) ने एक दलित आदमी (Dalit Youth) की गाड़ी बिना किसी नोटिस के ज़ब्त कर ली, क्योंकि वह अपने लोन की किस्तें नहीं चुका पाया था, और फिर कंपनी ने चुपके से गाड़ी बेच दी।
महिंद्रा फाइनेंस पर गंभीर आरोप
दलितों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। कभी-कभी इनमें ज़मीन के झगड़े शामिल होते हैं, और कभी-कभी ये धोखे से किसी दलित की संपत्ति पर अवैध कब्ज़े से जुड़े होते हैं। लेकिन इस बार तो जो मामला सामने आया वो हैरान और परेशान करने वाला हैं। दरअसल यह ममला Mahindra Finance Company से जुड़ा हुआ हैं। जहां एक अनुसूचित जाति (Scheduled caste) से आने वाले ड्राइवर की कार की ईएमआई (EMI) नहीं जाने के कारण फाइनेंस कंपनी वालों ने न केवल उसकी गाड़ी को जब्त के लिया बल्कि उसे बेच भी दिया है।
वही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है, जिसमे दिल्ली के रहने वाले पीड़ित अरुण कुमार ने अपनी आपबीती शेयर करते हुए बताया कि वो दिल्ली में एक आम ड्राइवर है, जिसके पास Honda Amaze गाड़ी थी, उस गाड़ी की उसने 33 किश्ते दे दी थी लेकिन किसी कारण वो तीन किश्त नहीं जमा कर सका।
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दलित युवक की बिना नोटिस गाड़ी छीनी
पीड़ित युवक ने बताया कि वो घर में इकलौता कमाने वाला है और वो गाड़ी ही उनका घर चलाती थी, कोरोना में कानूनी मोरेटोरियम (Moratorium) भी लिया था, फिर भी Mahindra finance ने EMI डबल कर दी और 27 अक्टूबर 2025 को उसकी गाड़ी को बिना किसी नोटिस के जबरदस्ती छीन ली गई। इतना ही नहीं उन्हें अब जानकारी मिली है कि उन लोगों ने अरुण को गाड़ी को बेच भी दिया है। जिसके चलते पीड़ित परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा हैं।
वही अरुण ने सोशल मीडिया पर आनंद महिंद्रा को टैग करते हुए अपील की है कि उसे या तो उसकी गाड़ी लौटा दी जाए या फिर उसका पूरा हर्जाना वापिस किया जाए, महिंद्रा फाइनेंस ने जो धोखाधड़ी की है, उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि इस मुद्दे पर महिंद्रा फाइनेंस ने भी जवाब दिया है कि वो सारी डिटेल उन्हें भेज दे, और इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अब देखना ये होगा कि क्या दलित युवक को उसकी गाड़ी फिर से मिल पाएगी।



