Arrest Anil Mishra: पिछले कुछ समय से ब्राह्मण वकील अनिल मिश्रा बाबा साहेब अंबेडकर (Baba Saheb Ambedkar) के बारे में कई अपमानजनक बातें कह रहे हैं। इससे दलित समाज काफी नाराज़ हैं और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। हालांकि अनिल मिश्रा (Anil Mishra) को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें तुरंत ज़मानत मिल गई। इस बीच, अनिल मिश्रा का एक और वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो गया है, जिसमें वह बाबा साहेब अंबेडकर को एक बदतमीज़ और असभ्य इंसान कह रहे हैं।
और पढ़े: Azamgarh: दलित छात्र से जातिगत भेदभाव के मामले में विवादों में शिक्षक, अपमानजनक टिप्पणी का आरोप
अनिल मिश्रा के बोल पर बवाल
हाल ही में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से एक खबर सामने आई है जहां एक बार फिर से मनुवादी मानसिकता वाले विवादित वकील अनिल मिश्रा के बल बाबा साहब को लेकर बिगड़ गए हैं एक के बाद एक बाबा साहब के लिए अपमानित शब्दों का इस्तेमाल करने के बाद अब उसने भरे मंच पर बाबा साहब अंबेडकर का नाम लेना भी आसम्मानित बताया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें उसने खुले तौर पर कहा कि वो आंबेडकर नाम नहीं लेगा क्योंकि वो बहुत असम्मानित है।
‘अंबेडकर नाम नहीं लूंगा क्योंकि ये बड़ा असम्मानित नाम है’
ये कहना है तथाकथित ब्राह्मणों के नये मसीहा अनिल मिश्रा का जो अंबेडकर को गाली देकर अपने आपको नेता बनाने की कोशिश में है जिनको ये नहीं पता जिस दिन अम्बेडकरवादी समूह के 5% लोगों ने भी तुम्हारे खिलाफ मौर्चा खोल दिया ना, फिर… pic.twitter.com/6cttT3mNDc
— Rohit Theorist (@RohitTheorist) January 13, 2026
हैरानी की बात है कि अभी कुछ दिन पहले जब खुद जेल की हवा खा रहा था तब इसी के लोग मीडिया के सामने चीख कर कह रहे थे कि उन्हें अंबेडकर के संविधान पर पूरा भरोसा है, अनिल मिश्रा को संवैधानिक तरीके से न्याय मिलेगा, वो जेल से रिहा हो जाएगा। और अब रिहा होने के बाद फिर से बाबा साहब का अपमान करना शुरू कर दिया। अनिल मिश्रा के ये बोल उसके डबल स्टैंडर्ड कैरेक्टर को प्रदर्शित करते है।
“अंबेडकर नाम नहीं लूंगा क्योंकि ये बड़ा असम्मानित नाम है”
– सोशल मीडिया पर अपने विवादित बयानों से सुर्ख़ियों में रहने वाले वकील अनिल मिश्रा ने बाबा साहेब आंबेडकर को लेकर एक और विवादित बयान दिया…#AnilMishra #BabaShaheb #Advocate #Nedricknews pic.twitter.com/wMrruMUJy4— Nedrick News (@nedricknews) January 15, 2026
और पढ़े: BNS Section 292: पब्लिक न्यूसेंस के अवशिष्ट अपराधों पर लगेगी लगाम
अनिल मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
दलित समाज ने जो भी उसके बारे में कहा वो पूरी तरह से सही साबित होता नजर आ रहा है कि केवल अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिए वो बाबा साहब के नाम का इस्तेमाल कर रहा है, एक बार कहीं से इलेक्शन टिकट मिल जाए फिर यही अनिल मिश्रा बाबा साहब का गुणगान करता नजर आएगा। सच तो ये है कि बाबा साहब जैसा कोई नेता ब्राह्मणों के पास है ही नहीं, इसीलिए अनिल मिश्रा जैसे लोग खुद को फर्जी मसीहा बनाने पर तुले है। लेकिन दलितों की एकजुटता का प्रमाण पहले ही वो देख चुका है, इसीलिए इस तथाकथित मसीहा की बातों पर ध्यान देना भी समय की बर्बादी है।



