Aligarh News: हाल ही में उत्तर प्रदेश (UP) के अतरौली (Atrauli) क्षेत्र से एक खबर सामने आई है जहाँ एक दलित महिला को 4 साल बाद अपने साथ हुए छेड़छाड़ के मामले में न्याय मिला है. इस मामले में एडीजे पॉक्सो द्वितीय (ADJ POCSO-II ) की अदालत ने सुनाया फैसला और तीन साल की सजा सुनाई हैं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
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दलित महिला के साथ छेड़छाड़
अक्सर जब किसी दलित का उत्पीड़न होता है, और वो आपके हक की लड़ाई लड़ने की कोशिश करता हैं तो उसके खिलाफ मनुवादी लोग छींटाकसी करते है कि sc st act का गलत फायदा उठाया है, लेकिन वर्तमान में जो स्थिति दलितों की है, उसे देख कर कोई भी अंदाजा लगा सकते है कि क्या सच है, क्या झूठ दरअसल न्याय मिलने में ही इतने साल लग जातें है जिसकी कोई हद नहीं…ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश (UP) के अलीगढ़ (Aligarh news) से सामने आया है, जहां एक दलित महिला के साथ हुई छेड़छाड़ को लेकर 4 सालों बाद आरोपी को सजा हुई और वो भी मात्र 3 साल की।
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चार साल बाद आरोपी को मिली सजा
हैरानी की बात हैं कि इस न्याय के लिए भी पीड़िता को 4 सालों का लंबा इंतजार करना पड़ा। दरअसल यह घटना 14 मई 2021 की है। जब पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वो सुबह 6 बजे के करीब मकई के खेतों के पास कूड़ा फेंकने गई थी, लेकिन तभी गांव के ही रॉबी नाम के शख्स ने उसे रोका और उसे मोबाइल फोन देने लगा, लेकिन महिला ने इनकार कर दिया तो वो जबरन महिला को मक्का के खेतों में घसीट कर ले जाने लगा और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने लगा।
महिला के साथ मारपीट
लेकिन महिला ने शोर मचाया, तो उसने महिला के साथ मारपीट की, अश्लील हरकतें की, और उसके कपड़े फाड़े, लेकिन पीड़िता किसी तरह से बच निकली। वहीं पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दायर की थी, जिसके बाद एडीजे पॉक्सो द्वितीय (ADJ POCSO-II ) प्रदीप कुमार राम की अदालत (Court) 3 साल की सजा सुनाई और 24 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकार और कानून नियम पर सवाल उठाये है।



