Shajapur crime: मध्य प्रदेश (MP) के उज्जैन (Ujjain) से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ कुछ दबंगों ने दलित परिवार के साथ मारपीट की थी। लेकिन जब पीड़ित परिवार न्याय के लिए पुलिस के पास गया तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से तक माना कर दिया। जिसके बाद भीम आर्मी (Bhim Army) को इस मामले में हस्तक्षेप करके ज्ञापन सौपा हैं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
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दलित परिवार के साथ हुई मारपीट
पिछले कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश से एक मामला सामने के उज्जैन (Ujjain) से आया था जहाँ उंच समाज से आने वाले ठाकुर जाति के लोगो ने दिवाली वाले दिन दलित परिवार के साथ मारपीट की थी. लेकिन उंच समाज के आभाव में आकर इतने दिन बीत जाने के बाद भी दलित परिवार की शिकायत पुलिस ने दर्ज नहीं की।
वही दलित परिवार के साथ हुई मारपीट को लेकर न्याय के लिए भीम आर्मी ने आईजी कार्यालय (IG Office) में एक ज्ञापन सौंपा है। ये घटना बेरछा थाना (Berchha Police Station) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बीसरपुर गांव (Bisarpur village) की है, जहां दलित परिवार के साथ मारपीट की गई, लेकिन पुलिस ने दलित परिवार की शिकायत तक दर्ज नहीं की, जिसके बाद इस मामले में भीम आर्मी भारत एकता मिशन (Bharat Ekta Mission) आगे आया और उन्होंने दलित परिवार के लिए न्याय की आवाज उठाई है।
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पुलिस ने दर्ज नहीं की शिकायत
बता दें कि 24 अक्टूबर को दीवाली के दिन पटाखे जलाने को लेकर ठाकुरों ने पूरे दलित परिवार के साथ मारपीट की थी, जिसे लेकर जब दलित परिवार ने पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने ठाकुरों के प्रभाव में आकर शिकायत दर्ज तक करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद भीम आर्मी को इस मामले में हस्तक्षेप किया और पुलिस को ज्ञापन सौपा।
वही मीडिया मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के साथ संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के सिद्धांतों पर चलते हुए न्याय के लिए कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य किसी एक धर्म या जाति के लिए नहीं, बल्कि सर्वसमाज को न्याय दिलाना है। वही अब ये देखना इस मामले में पीड़ित परिवार को कब न्याय मिलता हैं।



