Hajipur news: बिहार के हाजीपुर से एक खबर सामने आई है। जहाँ हाजीपुर की एक विशेष अदालत ने एक दलित महिला के साथ हुई घिनौनी गैंग-रेप की घटना के मामले में ऐतिहासिक निर्णय देते हुए दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि महिलाओं के प्रति ऐसे जघन्य अपराधों को सहन नहीं किया जाएगा और यह सजा समाज को एक मजबूत चेतावनी प्रदान करेगी।
दलित महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म
दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार (Bihar) के हाजीपुर (Hazipur) से है, जहां एक दलित महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले 2 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ये घटना 11 नवंबर 2022 की है, जहां समस्तीपुर जिले (Samastipur district) के शाहपुर पटोरी गांव (Shahpur Patori village) की रहने वाली पीड़िता अपने पति का इलाज कराने के लिए हाजीपुर आई हुई थी, जब वो वापिस लौट रहे थे तब उसके पति के दोस्तो ने उसे मिलने के लिए बुलाया, तो वो दोनो मिलने गए, लेकिन आरोपियों ने महिला के पति को पीटा और महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
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दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
घटना के बाद जब महिला बेहोश हो गई तब उसे छोड़ कर दुष्कर्मी भाग निकले। पीड़िता का पति उसे सदर अस्पताल (Sadar Hospital) ले गया जहां उसका इलाज कराया गया। जिसके बाद मौके पर पहुची पुलिस ने अस्पताल में पीड़ित महिला का बयान दर्ज पर कृष्णा राय, मनोज राय महनार के नारायणुपर निवासी समेत 4 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया, तब से ये मामला कोर्ट में चल रहा था, लेकिन एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) की विशेष अदालत न्यायधीश (Special Court Judge) नवीन ठाकुर ने कृष्णा राय और मनोज राय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (life imprisonment) की सजा सुनाई और 20-20 हजार रूपय का जुर्माना लगाया है। इसके अलवा आपको बता दें, इस मामले को एससी-एसटी कोर्ट (SC ST court) के विशेष लोक अभियोजक राम नाथ राम कंडक्ट कर रहे थे।



