Bijnor Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चार लोगों ने अपनी हवस मिटाने के लिए एक दलित महिला के साथ गैंग-रेप किया। इसके अलावा, आरोपियों ने पीड़ित महिला को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके उसे अपमानित किया और जान से मारने की धमकी भी दी।
Also Read: Top 5 Dalit News: दलितों पर अत्याचार से लेकर आजाद-विनय रतन विवाद तक, 24 घंटे की 5 बड़ी खबरें
आजाद के गृहक्षेत्र में दलित महिला का दुष्कर्म
बीते कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक मामला सामने आया, जहाँ एक दलित महिला इलाज के लिए डॉक्टर के पास गई थी, लेकिन डॉक्टर ने उसे बेहोश कर दिया और उसके साथ यौन शोषण किया। अभी यह मामला पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ था कि ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आ गया है, जहां भीम आर्मी चीफ के ही गृह क्षेत्र में एक गर्भवती दलित युवती से नर्सिम होम में इलाज के बहाने 4 लोगों ने दुष्कर्म किया.. दिल को झकझोर देने वाली ये घटना पीड़िता के साथ तब हुई जब वो नहटौर (Nehtaur) से इलाज कराने के लिए धामपुर (Dhampur) के एक नर्सिन होम गई हुई थी।
पीड़िता 8 महीने की गर्भवती है, वो नर्सिंग होम में रेगुलर चेकअप के लिए आती थी, लेकिन इस बार जब वो जांच के लिए आई तो नर्सिंग होम के संचालक ने उसे बहाने से बुलाया था, जिसके बाद स्टाफ के 4 लोगों ने उनके साथ दुष्कर्म किया और कहा कि अगर उसने किसी को बताया तो उसको जान से मार देंगे।
Also Read: Article 2 क्या है और यह भारत में नए राज्यों के निर्माण को कैसे नियंत्रित करता है?
पुलिस ने आरोपियों किया गिरफ्तार
लेकिन पीड़िता डरी नहीं; वह स्थानीय पुलिस स्टेशन गई…उसने आरोपियों की करतूत पुलिस को बता दी, वही घटना की शिकायत मिलने पर पुलिस ने बिना समय बर्बाद किए कार्रवाई की। जिसके बाद डॉक्टर सहित चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया औऱ फिर वो जेल भेज दिये गए है, इतना ही नहीं पुलिस ने इस घिनौने अपराध के आरोपियों को खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं आजाद समाज पार्टी के नेता आलोक भारती और मनोज हिटलर खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, और आश्वासन दिया है कि वो आरोपियो को सख्त से सख्त सजा दिलवायेंगे, साथ ही वो इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे औऱ हर संभव मदद करेंगे। हालांकि इस खबर के सामने आने के बाद आजाद पर भी सवालियां निशान खड़े हो गए है कि आजाद के अपने गृह क्षेत्र में दलितों की स्थिति ऐसी है तो वो राज्य के बाकि दलितों की स्थिति को कैसे सुधारेंगे। वैसे ये वाकई में सबसे बड़ा सवाल है।



