Thar Mahotsav 2025: हाल ही में राजस्थान (Rajasthan) से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई हैं। जहाँ थार महोत्सव 2025 में “थार सुंदरी” प्रतियोगिता की चयन प्रक्रिया को लेकर जातिगत भेदभाव के आरोप सामने आए हैं।
दरअसल विनर की अनौसमेंट के बाद, दूसरे स्थान पर रहीं रिंकू ने मंच पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विजेता नक्षत्री चौधरी का चयन उनकी जाति के आधार पर किया गया, जबकि वह खुद हर योग्यता के पैमाने पर उनसे बेहतर थीं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
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थार सुंदरी प्रतियोगिता में भेदभाव
आज दलित उत्पीड़न हर जगह इस कदर बढ़ गयी है फिर गरीब लाचार दलित हो या उंच पद पर बैठा दलित अफसर ही क्यों न हो उनके साथ भी मानिसक और शारीरिक अत्यचार होता है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के बाड़मेड़ से सामने आया है, जहां बाड़मेड़ में थार महोत्सव में जातिगत भेदभाव को लेकर खुलासे के बाद से ही काफी विवाद छाया हुआ है।
रिंकू ने लगाया संयोजक पर आरोप
दरअसल थार महोत्सव 2025 में लोक नृत्य, शोभायात्राएं, ऊंट दौड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी प्रतीभा का लोहा मनवाया है। इसी महोत्सव में थार सुंदरी प्रतियोगिता के चयन हुआ था।लेकिन इस महोत्सव में दूसरा स्थान हासिल करने वाली रिंकू ने संयोजको पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वो विजेता नक्षत्री चौधरी से हर मामले में बेहतर थी, लेकिन बावजूद इसके केवल दलित होने के कारण उन्हें विजेता नहीं चुना गया।
रिंकू ने खुलासा किया कि वो 4 सालो से मेहनत कर रही थी, उनके परिवार ने भी उन्हें इस भेदभाव की चेतावनी दी थी, लेकिन उन्हें खुद पर भरोसा था, लेकिन उनके साथ जो हुआ उसके बाद अब कोई भी दलित लड़की इस तरह की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगी। इतना ही नहीं उन्होंने बताया सबसे ज्यादा हैवी ज्वैलरी उन्होंने ही पहनी थी। सब ने उससे कहा आप ही फर्स्ट आओगी फिर किसी को फर्स्ट कैसे चुना गया।
थार महोत्सव बाङमेर
जाति देखकर विजेता घोषित करने के आरोप
यहा भी जातिवाद, @8PMnoCM @RajCMO pic.twitter.com/ChCKyOI5N2— Hetram Gothwal (@hetramgothwal1) October 8, 2025
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नक्षत्री चौधरी बनी थार सुंदरी
आपको बता दें, थार सुंदरी का खिताब 22 वर्षीय नक्षत्री चौधरी को दिया गया। वह मुंबई की रहने वाली हैं और वर्तमान में बीए (BA) की पढ़ाई कर रही हैं। नक्षत्री चौधरी एक एनएसएस (NSS) स्वयंसेवक हैं जो कुछ दिन पहले ही मुंबई से आई हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि थार सुंदरी का खिताब जीतकर वह सम्मानित महसूस कर रही हैं और भविष्य में लड़कियों के लिए ज़रूर काम करेंगी।
प्रतियोगिता पर उठाये सवाल
रिंकू ने सीधे मंच पर ही जातिगत भेदभाव का आरोप लगा कर इस प्रतियोगिता पर ही सवाल खड़े कर दिये है। वो अपने लिए न्याय की मांग कर रही है। वही रिंकू का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। ऐसे में देखना होगा कि आखिर रिंकू के आरोपो में कितनी सच्चाई है।
उन्होंने कहा कि भेदभाव के कारण ही शायद लड़कियां इस प्रतियोगिता में भाग नहीं लेती है और यही वजह है कि इस बार इस प्रतियोगिता में सिर्फ 13 लडकियों ने ही भाग लिया था। उन्होंने आगे कहा “मेरे परिवार ने मुझे पहले ही बता दिया था कि अगर मैं तैयार भी हो जाऊँ, तो भी मुझे कोई नहीं लेगा। अगर मैं अभी घर चली गई, तो वे मुझे कहीं और नहीं जाने देंगे। मैंने यहाँ भी अपनी लड़ाई लड़ी है। मेरे परिवार ने मना कर दिया था क्योंकि वे जानते हैं कि पहले कौन आएगा, क्योंकि हमारी जाति के लोग फर्स्ट नहीं आ सकते। चाहे कितनी भी कोशिश कर लो… यह ऐसा ही है, सिर्फ़ ऊँची जाति के लोग ही आगे आते हैं, निचली जाति के लोग आगे नहीं आ सकते।”



