Bathinda news: हाल ही में पंजाब के बठिंडा से एक सनसनी खेज मामला सामने आया हैं। जहां दो साल पहले एक घटना हुई थी, जिसमें लखविंदर सिंह नाम के एक तांत्रिक को दो दलित बच्चों की बलि देने के आरोप में जेल हुई थी। हालांकि, उसे कुछ समय के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया गया था और तब से वह आज़ाद घूम रहा है।
और पढ़े: दो बौद्ध देश शिव मंदिर के लिए क्यों बहा रहे खून, जानिए थाईलैंड और कंबोडिया के संघर्ष की कहानी
तांत्रिक की तलाश में पुलिस नाकाम
आज भी, पढ़े-लिखे होने के बावजूद लोग तांत्रिक गुरुओं के जाल में फंस जाते हैं। वे उनकी बातों से इतने प्रभावित हो जाते हैं कि कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। ऐसी ही एक कहबर पंजाब के बठिंडा कोटफत्ता से है, जहां दो साल पहले दो दलित भाई बहनो की बलि का मामला फिर से गरमा गया और पुलिस की जांच को लेकर कोर्ट ने जमकर लताड़ लगाई है। दरअसल, आरोपी तांत्रिक लखविंदर सिंह पर दो बच्चों की बलि को लेकर जेल हुई थी, लेकिन 18 सितंबर 2023 को फरलो पर जेल से बाहर आया और वापिस लौटा ही नहीं। करीब 2 सालो से वो आजाद घूम रहा है लेकिन पुलिस ने भी इस मुद्दे पर पूरी तरह से अंजान होने का दिखावा कर रही है।
और पढ़े: BNS Section 273: क्वारंटाइन नियमों के उल्लंघन पर जाने क्या सज़ा और प्रावधान
कोर्ट ने पुलिस को जमकर लताड़
जिसके बाद इन हत्याओं के गवाह परनजीत सिंह जंगी बाबा ने SSP बठिंडा को लिखित शिकायत देकर पुलिस की लापरवाही की तरफ ध्यान दिलाया। कि आरोपी तांत्रिक को निर्धारित तारीख पर सेंट्रल जेल बठिंडा में आत्मसमर्पण करना था। लेकिन वह ऐसा करने की बजाय फरार हो गया। तब से पुलिस उसे गिरफ्तार करने में विफल रही है। जिसके बाद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (Chief Judicial Magistrate) श्री हरीश कुमार ने पुलिस को जमकर लताड़ लगाते हुए कानून व्यवस्था (Law and order) और पुलिस की कार्यवाई पर सवाल उठाये है। खासकर जब आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया था तब भी पुलिस कौन सी नींद में सोई हुई थी।
वहीं कोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर मानसा को आदेश दिया है कि आरोपी की जमानत कराने वाले सरताज सिंह का संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी न होने की पूरी रिपोर्ट दायर करने का आदेश जारी किया है। आरोपी सरेआम आजाद घूम रहा है लेकिन पुलिस दो मासूम बच्चों के हत्यारे को गिरफ्तार करना जरूरी भी नहीं समझती।



