Lucknow: दलित बुजुर्ग को फर्श चाटने को किया मजबूर, पानी गिरा तो लगाया पेशाब करने का आरोप

Caste Discrimination with Dalits, Lucknow news
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Lucknow news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक दिल दहलाने वाला ममला सामने आया है। जहाँ एक दलित बुजुर्ग व्यक्ति के साथ गाँव के कुछ दबंगों ने अमानवीय व्यव्हार किया और जब इतने से दबंगों का मन नहीं भरा तो दलितों ने बुजुर्ग व्यक्ति से मारपीट की और पेशाब होने के शक में मंदिर में गिरे पानी को जबरन चटवाया। वही मौके पर मिली सुचना पर पुलिस ने अरोपियो के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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दलित बुजुर्ग व्यक्ति के साथ अमानवीय व्यवहार 

दलितों से जुड़ा अगली मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखनऊ (Lucknow) से है, जहां एक दलित बुजुर्ग के मंदिर में प्रवेश करने से गुस्साएं दबंगो ने दलित बुजुर्ग पर मंदिर में पेशाब करने का आरोप लगा कर उसके साथ मारपीट की और पूरा मंदिर धुलवाया, और पेशाब होने के शक में मंदिर में गिरे पानी को जबरन चटवाया। ये घटना लखनऊ के काकोरी (Kakori) के मोहल्ला हाता मोहम्मद हजरत साहब (Mohalla Hata Mohammad Hazrat Sahib) क्षेत्र में स्थित शीतला माता मंदिर (Shitla Mata Temple) में घटित हुई।

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जबरन पानी को चाटने को मजबूर

दलित बुजुर्ग रामपाल ने शिकायत दर्ज कराई कि वो शाम को सात बजे के करीब मंदिर गया था, लेकिन पीने पीते वक्त लोटा उसके हाथों से छूट गया, लेकिन वहां से गुजर रहे मंदिर समिति के संबृद्ध स्वामीकांत ने गलत समझ लिया और दलित पर पेशाब करने का आरोप लगा कर उसके साथ गाली गलौच करने लगा, बुजुर्ग ने समझाने की भी कोशिश की कि वो केवल पानी है, लेकिन स्वामीकांत नही माना और जबरन उसे पानी को चाटने पर मजबूर किया। और फिर पूरे मंदिर की शुद्धी बोलकर दलित बुजुर्ग रामपाल से धुलवाया और मंदिर से भगा दिया।

पुलिस ने शांति भंग करने का मामला दर्ज किया

जिसके बाद पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति ने नजदीकी थाने में जाकर इस ममाले की शिकायत दर्ज करवाई जहाँ पुलिस वालो ने इस मामले का केवल शांति भंग करने जैसा मामला दर्ज किया। जबकि ये मामला एससी एसटी एक्ट (SC-ST ACT) का उल्लंघन का मामला है। वहीं आरोपी स्वामीकांत ने पीड़ित के आरोपो को निराधार बताते हुए कहा है कि दलित बुजुर्ग  सच में मंदिर में पेशाब कर रहा था, और उसी का विरोध किया गया और मंदिर धुलवाया गया था, लेकिन पेशाब पिलाने की बात पूरी तरह से गलत है। उसे फंसाया जा रहा है।

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