IAS Santosh Verma Controversy: मध्य प्रदेश की एक हालिया घटना ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। यह बयान IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने दिया था, जिन्होंने कहा कि समाज में सच्ची समानता तभी आएगी जब ब्राह्मण लड़कियां दलित समुदाय के लड़कों से शादी करेंगी। सरकार ने ब्राह्मण लड़कियों के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे सात दिनों के अंदर जवाब देने को कहा गया है।
और पढ़े: Kaushambi: 25 साल पुराने दुष्कर्म मामले में आया फैसला, दोषी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सज़ा
दलित IAS अधिकारी नियाज खान के खिलाफ राजनीतिक
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से एक विवादित मामला सामने आया है। जहां हाल ही में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (Scheduled Castes and Scheduled Tribes) अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJAKS) का प्रोविंशियल प्रेसिडेंट चुने जाने वाले IAS ऑफिसर संतोष वर्मा (IAS Officer Santosh Verma) के अंबेडकर मैदान में हुए पब्लिक इवेंट के दौरान आरक्षण खत्म करने के लिए ब्राह्मण लड़की से शादी करने का बयान अब काफी तूल पकड़ चुका है।
वही दूसरी तरफ ऑल इंडिया ब्राह्मण समाज (All India Brahmin Society) ने संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त कार्यवाई की मांग करते हुए प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र मिश्रा ने चेतावनी जारी की है कि अगर संतोष वर्मा के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं हुई तो पूरा ब्राह्मण समाज राज्य में अनशन करेगा और सतोष वर्मा के खिलाफ नारेबाजी करेगा।
और पढ़े: BNS Section 271: लापरवाही से रोग फैलाना पड़ेगा भारी, जानिए क्या है सजा का प्रावधान
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने किया समर्थन
तो वहीं भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद (Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad) ने खुले तौर पर संतोष वर्मा का समर्थन करते हुए कहा कि ब्राह्मण कितने संतोष वर्मा को दबा सकते है, आने वाले समय में हर घर से एक संतोष वर्मा निकलेगा। उन्होंने समाजिक बराबरी के लिए जो भी कहा सहीं कहा। अगर ब्राह्मण की बेटी दलितों के घर आयेगी तभी जातिगत भेदभाव खत्म हो सकेगा। बता दे कि 23 नवंबर, 2025 को भोपाल में AJAKS स्टेट कन्वेंशन में सीनीयर आईएएस ऑफिसर संतोष वर्मा ने कहा था कि जातिगत भेदभाव और आरक्षण तभी खत्म होगा जब कोई ब्राह्मण अपनी बेटी का रिश्ता मेरे बेटे से करने की इजाजत देगा।
सरकार ने जारी किया शो-कॉज नोटिस
हालांकि ब्राह्मण समाज के इस हंगामे के बाद मध्य प्रदेश की जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (General Administration Department) की तरफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके बयान को सामाजिक सद्भाव के लिए नुकसानदायक” और सिविल सर्विस कंडक्ट (Civil Service Conduct) नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। उन्हे 7 दिनों के अंदर जवाब देना है कि उनके खिलाफ कार्यवाई क्यों न की जायें। वहीं BJP के सीनियर लीडर और पूर्व मिनिस्टर गोपाल भार्गव ने संतोष वर्मा को चरित्रहीन करारा देते हुए सरकार की इमेज खराब करने वाला बताया है। वहीं कांग्रेस MLA और डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन हेमंत कटारे ने भी संतोष वर्मा के जेल भेजने की मांग की है। हालांकि सतोष वर्मा ने भी माफी मांगते हुए सफाई पेश की है कि उनका 27 मिनट का भाषण था लेकिन उसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। ये केवल उन्हें बदनाम करने की साजिश है।



