मरी हुई गाय का चमड़ा उतारने पर दलित बुजुर्ग से मारपीट, चाकू-लाठी से किया हमला

Brutally beaten dalit old men
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हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहाँ कुछ गुंडों ने गौरक्षा के नाम पर एक वृद्ध दलित व्यक्ति पर अत्याचार किया है. मनुवादियों ने उस पर गाय की हत्या का झूठा आरोप लगाकर वृद्ध दलित व्यक्ति की पिटाई की और जब उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने वृद्ध व्यक्ति के कंधे पर चाकू से वार कर दिया. जिसमे में गंभीर रूप से घायल हो गए है. तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं.

गौ रक्षक के नाम पर गुंडागर्दी

भारत में गाय को हमेशा से पूजनीय और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है लेकिन अफसोस की बात यह है कि अक्सर गौ-रक्षा के नाम पर हिंसा और अत्याचार जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं… सामाजिक ढांचे को बनाए रखने का दावा करने वाले कुछ तथाकथित गौ रक्षक गरीब दलितों और लाचार लोगों पर जुल्म ढाने लगते हैं. और सरकार भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं करती. अक्सर ऐसा देखा गया है कि दलित और पिछड़े वर्ग ही इन घटनाओं का सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं. ऐसा ही एक मामला गुजरात (Gujarat) के अहमदाबाद (Ahmedabad) से सामने आया है, जहां कथित गौ रक्षकों ने एक 58 साल के दलित बुजुर्ग को बुरी तरह से पीट दिया.

दरअसल यह घटना अहमदाबाद (Ahmedabad) के आदलज के रोहितवास गांव (Rohitwas Village) की है. बुजुर्ग दलित महेंद्र परमार, चमड़ा उतारने का काम करते है और वो एक मरी हुई गाय का चमड़ा उतार रहे थे. इसी दौरान कुछ गौ रक्षको ने गौ रक्षा के नाम पर उन पर चाकू और लाठी डंडे से हमला कर दिया. दलित युवक ने बताया कि उन्हें ग्राम पंचायत से मृत पशुओं के निस्तारण की आधिकारिक तौर पर अनुमति मिली हुई है.

गंभीर हालत में कराया अस्पताल में भर्ती 

बीते रविवार को करीब 2 बजे दोपहर में उनके पास नरेश परमार का फोन आया था कि खोड़ियार गांव (Khodiyar Village) में एक गाय मरी हुई है, जिसके बाद वो वहां पहुंचे और उन्होंने गाय की खाल उतारने का काम शुरु कर दिया. करीब 3 बजे के करीब कुछ लोगों ने वहां आकर हंगामा करना शुरु कर दिया और आरोप लगाया कि वो जिंदा गाय का चमड़ा उतार रहे हैं.जबकि महेंद्र ने उन्हें समझाने की भी कोशिश की कि वो दलित जाति से हैं और वो और उनका परिवार चमड़ा उतारने का ही काम करता है. और गाय जिंदा नहीं बल्कि मरी हुई है…लेकिन दबंगो ने महेंद्र पर हमला कर दिया. उनके बाएं कंधे में चाकू से हमला किया गया है.

गांव के व्यक्ति के हस्तक्षेप से किसी तरह के महेंद्र की जान बच सकी और घायल अवस्था में उन्हें गांधीनगर सिविल अस्पताल  में भर्ती कराया गया. महेंद्र ने आदलज थाने में एफआईआर दर्ज कराई और सभी आरोपियों में से एक की पहचान सचिन सुथार के रूप में की है. फिलहाल पुलिस ने मामले को दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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