Dalit youth suicide: हाल ही में राजस्थान के अजमेर से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक दलित युवक के अपने प्यार की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। दरअसल दलित युवक ने मानसिक उत्पीड़न और मारपीट के कारण आत्महत्या कर ली। जिसके बाद से मृतक के परिवार में मातम छाया हुआ हैं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
सदमें में आकर दलित युवक ने दी जान
जब बात दलितों के साथ न्याय की होती है तो हमें पूरा समाज एकजुट होता हुआ दिखाई तो देता है लेकिन क्या वाकई में उन्हें न्याय मिलता है क्योंकि आंकड़े तो कुछ और ही कहते हैं। हर साल जो आंकड़े सामने नजर आते हैं वह बताते हैं कि दलितों के साथ न्याय की उद्घोषणा केवल किताबी बात है बल्कि धरातल पर सच्चाई बेहद ही घिनौनी और कड़वी है।
ऐसी ही दलित उत्पीड़न की एक राजस्थान से सामने आई है, जहां एक दलित युवक के साथ उसकी प्रेमिका के परिवार ने जो विभत्स घटना को अंजाम दिया उससे सदमें में आकर दलित युवक ने जान दे दी है। दरअसल ये घटन राजस्थान के अजमेर में घटित हुई है। 24 साल के नितेश वर्मा ने जयपुर के लूनियावास का रहने वाला था।
और पढ़े: Kanpur: सचेंडी में दलित युवक से मारपीट, 5 लोगों ने रॉड से हमला कर दीं जातिसूचक गालियां
नंगा करके दलित युवक को पीटा
उसकी इंस्टाग्राम पर एक युवती से मुलाकात हुई थी, जिससे मिलने के लिए 7 अक्टूबर 2025 को अजमेर के मायापुर गांव गया था, लेकिन तभी युवती के परिवार वालों ने उसे पकड़ लिया, और उसे घर में बांध कर नंगा करके पीटा। सिर और मूंछ के बाल काट कर उसे नंगा करके उसे गांव से भगा दिया था।
इस घटना से नितेश काफी सदमें में था और 8 अक्टूबर की सुबह अजमेर के आदर्श नगर रेलवे ट्रैक पर उसके ट्रेन के आगे आकर जान दे दी। थाना अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि नितेश के साथ इस घटना को अंजाम देने के बाद से ही युवती के पिता फूलचंद, चाचा संतोष, सत्यनारायण गोस्वामी फरार चल रहे है।
आपको बता दें, पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने, अपहरण, मारपीट और एससी/एसटी एक्ट (SC-ST Act) की धाराओं में मामला दर्ज कर किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इसके अलवा पुलिस ने पीड़ित परिवार को असह्वासन दिया है जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।



