Patna Sahib news: हाल ही में बिहार के पटना साहिब से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक सरकारी स्कूल में महिला शिक्षिका द्वारा स्कूली छात्राओं के साथ भेदभाव देखने को मिला जिसके खिलाफ दलित छात्राओं ने अपनी आवाज बुलंद की है।
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जातिगत भेदभाव के खिलाफ दलित छात्रो ने उठाई आवाज
ये देश के संविधान की ही ताकत है कि अब दलित अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने लगे है.. भले ही आवाज उठाने के लिए उन्हें मनुवादी लोग सजा ही क्यों न दें, लेकिन धीरे धीरे दलित संविधान और अपने अधिकारों की ताकत समझने लगे है… जो उनकी मजबूत होती स्थिति की तरफ पहला कदम है। ऐसा ही खबर बिहार के पटनासाहिब (Patna Sahib) की है, जहां एक सरकारी स्कूल (Government school) में टीचर ने जातिगत भेदभाव (Caste discrimination) के खिलाफ स्कूल की दलित छात्रो ने आवाज उठाई है।
सोशल मीडिया (Social media) पर एक वीडियो काफी वायरल हो रही है.. ये वीडियो में पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र में अलावलपुर गांव (Alawalpur village) की है, जहां एक सरकारी बालिका स्कूल की बच्चियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए स्कूल के कई टीचर पर आरोप लगाया कि उन्हें बाकि के बच्चों से अलग बिठाया जाता है, खाने के लिए लगने वाली कतार से भी लग कर दिया है, इतना ही नहीं अगर खाने में नमक कम है तो भी अलग से नहीं दिया जाता है।
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टीचर ने बच्चों को डराने धमकाने की कोशिश
बच्चों ने बताया कि टीचर उनसे साफ कहते है कि वो छोटी जाति के होकर उंची जाति वालों के साथ कैसे बैठ सकते है। इस खबर के सामने आने के बाद आरोपो से तिलमिलाई टीचर लगातार बच्चों पर दबाव बना रही है कि बच्चें उनके सामने बताये कि उन्होंने भेदभाव कब किया…और बच्चों की हिम्मत की दाद देनी चाहिए कि वो ऑन कैमरा भी इस बात को स्वीकार कर रहे है कि उनके साथ भेदभाव किया जाता है।
हालांकि टीचर ने आवाज तेज करके बच्चों को डराने धमकाने की कोशिश तो बहुत की लेकिन बच्चों ने बिना डरे जातिगत भेदभाव के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की… ये संविधान की ही ताकत है कि अब देश का भविष्य अपने भविष्य के लिए लड़ रहा है। बच्चों के इस कदम की काफी सराहना हो रही है। बताते चले कि अलावलपुर गांव को SAGY के तहत सांसद रवि शंकर प्रसाद ने गोद लिया हुआ है। लेकिन स्कूल की हालात बताती है कि गांव का माहौल कैसा है।



