Dalit Neta beaten up: सियासी दंगल में दलित कार्ड! पार्षद पर हमले को लेकर AAP और BJP के बीच आर-पार की जंग

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Dalit Neta beaten up: हाल ही में, आम आदमी पार्टी से जुड़ी एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहाँ एक दलित नेता पर BJP कार्यकर्ताओं ने हमला किया और उनके साथ जातिसूचक गालियां दीं; इसके अलावा, जब पीड़ित ने मौके पर ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस ने शिकायत तक दर्ज नहीं की।

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AAP के दलित पार्षद पर हमला

दलित समुदाय के सदस्य आज चाहे किसी भी पद पर क्यों न पहुँच जाएँ, मनुवादी मानसिकता रखने वाले लोग उन्हें उस ऊँचे दर्जे पर देख ही नहीं पाते; वे लगातार किसी न किसी तरीके से उन्हें अपमानित करने की कोशिश करते रहते हैं। इसके अलावा, वे बिना किसी उकसावे के उन पर शारीरिक हिंसा करते हैं और जातिसूचक गालियाँ देकर उनका अपमान करते हैं। जी हाँ, ऐसा ही एक मामला राजधानी दिल्ली से है जहां आम आदमी पार्टी (AAP) की दलित पार्षद पर हमला किया गया हैं।

बीजेपी नेता पर मारपीट का आरोप

मामले में बीजेपी (BJP) के कार्यकर्ताओं को घेरा जा रहा है, आप ने सीधे तौर पर पार्षद ज्योति गौतम पर हमला करने के लिए बीजेपी के गुंड़ो को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि अब बीजेपी ने भी जवाबी हमला करने हुए कहा कि आप के नेता बिना काम किए ही क्रेडिट लेने के लिए बेताब है, और विवाद उनकी तरफ से शुरु हुआ था। बता दें कि AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने BJP विधायक उमंग बजाज और उनके कार्यकर्ताओं पर इंद्रपुरी इलाके में पार्षद ज्योति गौतम और संजय बैरवा के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।

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पुलिस ने शिकायत तक दर्ज नहीं की

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी के प्रभाव के कारण एक दलित नेता की शिकायत तक दर्ज नही की जा रही है। जिसके बाद से ही आप और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी ने आप पार्षद पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजेंद्र नगर (Rajendra Nagar) में रोड-कटिंग शुल्क’ से रोड बनाने का काम पूरा किया था और अब ज्योकि गौतम वहां आकर उसका क्रेडिट लेने की कोशिश कर रही है और विवाद भी उन्होंने ही शुरू किया था।

हैरानी की बात है आरोप प्रत्यारोप को बाद भी पुलिस अभी तक नींद से नहीं जागी है। ऐसे में देखना ये होगा कि कौन सहीं है और कौन गलत, वैसे आपको क्या लगता है वाकई में कौन किसका क्रेडिट चुराने की कोशिश कर रहा है। इसके अलवा आपको बता दें, ये कोई पहला मामला नहीं जब किसी दलित नेता के साथ मारपीट न हुई हो अक्सर ऐसे कई मामले सामने आते हैं।

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