नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू! CJI गवई ने जस्टिस सूर्यकांत को चुना अपना उत्तराधिकारी

Surya Kant, CJI Suryakant
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Who is Justice Suryakant: केंद्र सरकार ने देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिसके चलते भारत के दुसरे दलित  मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ( B R Gavai) ने केंद्र सरकार से न्यायमूर्ति सूर्यकांत (Justice Suryakant) को अपना उत्तराधिकारी नामित करने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन क्या आप जानते है न्यायमूर्ति सूर्यकांत कौन है? अगर नहीं तो चलिए आपको इस लेख में न्यायमूर्ति सूर्यकांत के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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कौन है जस्टिस सूर्यकांत? Who is Justice Suryakant

न्यायमूर्ति सूर्यकांत वर्तमान में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं। उनका भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनना तय है। वही हालिय कार्यभार सभाल रहे भारत के दुसरे दलित सीजेआई बी.आर. गवई (CJI B.R. Gavai) ने केंद्र सरकार को उनके नाम की सिफारिश की है। वही सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय (Supreme Court and High Courts) के न्यायाधीशों की नियुक्ति, ट्रान्सफर और प्रमोशन की प्रक्रिया और नियमों को नियंत्रित करने वाले दस्तावेज़ों में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय में भारत के सीजेआई (CJI)  के पद पर नियुक्ति उस न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश द्वारा की जानी चाहिए।

कब होंगे सीजेआई जस्टिस बी.आर. गवई रिटायर

आपको बता दें,  सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई 23 नवंबर को रिटायर होंगे । इसके बाद, न्यायमूर्ति सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के नए CJI का पदभार संभालेंगे। वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने 23 अक्टूबर को नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की और मुख्य न्यायाधीश गवई से उत्तराधिकारी का सुझाव देने का अनुरोध किया। ध्यान देने वाली बात उनका यह कार्यकाल लगभग 15 महीने का होगा। वह 24 नवंबर को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में कार्यभार संभालेंगे और 9 फरवरी, 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।

मिडल क्लास परिवार में जन्मे सूर्यकांत

दरअसल, हरियाणा के हिसार जिले के पेटवार गाँव में 10 फ़रवरी, 1962 को एक मिडल क्लास परिवार में जन्मे, उन्होंने 1981 में हिसार के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। जिसके बाद उन्होंने 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक (Maharshi Dayanand University, Rohtak) से विधि स्नातक (LLB) की उपाधि प्राप्त की।

सूर्यकांत के करियर की शुरुआत 

उन्होंने 1984 में हिसार जिला न्यायालय (Hisar District Court) में वकालत शुरू की। 1985 में, वे पंजाब (Punjab) एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (Haryana High Court) में वकालत करने के लिए चंडीगढ़ (Chandigarh) चले गए। इसके बाद, 7 जुलाई, 2000 को उन्हें हरियाणा का सबसे युवा महाधिवक्ता (Advocate General) नियुक्त किया गया। 9 जनवरी, 2004 को वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (Punjab and Haryana High Court) के स्थायी न्यायाधीश बने।

5 अक्टूबर, 2018 को उन्होंने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (Himachal Pradesh High Court) के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने 24 मई, 2019 को उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। इसके अलवा आपको बता दें, आने वाले 24 नवंबर, 2025 को उनके भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण करने की उम्मीद है।

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