Karnataka news: कस्टडी टॉर्चर का शिकार हुआ दलित युवक, बेंगलुरु के 4 पुलिसकर्मी निलंबित

Karnataka news, Dalit men die in police custody
Source: Google

Karnataka news: हाल ही में बैंगलुरू से एक सनसनी खेज मामला सामने आया है, जिसमें एक दलित युवक की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इस घटना के परिणामस्वरूप चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मृतक की माँ ने पुलिस पर आरोप भी लगाया हैं।

और पढ़े: BNS Section 269: न्यायालय से भागना अब महंगा पड़ेगा, गैर-हाज़िर होने पर होगी कानूनी कार्रवाई

पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत

जातिगत भेदभाव, एक ऐसा अभिशाप बन गया है जिसकी भेंट हमेशा दलितों और पिछड़ो को ही चढ़ाया जाता है। अगर आरोपी रसूखदार है तो न तो प्रशासन कुछ करता है और न ही कानून..फिर भला कैसे दलितों को न्याय मिलेगा..इसकी उम्मीद की जा सकती है। ऐसा ही एक मामला कर्नाटक (Karnataka) के बैंगलुरू (Bangalore) के विवेकनगर से आया है, जहां पुलिस कस्टडी में एक दलित युवक पी जी की मौत हो गयी। वही उसकी बॉडी को नेलमंगला गवर्नमेंट हॉस्पिटल ले जाया गया है। अधिकारियों का दावा है कि उसकी मौत सांस की दिक्कतों से हुई, लेकिन उसके शरीर पर दिख रहे निशान इसे गलत साबित करते हैं। जबकी मृतक की माँ का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि दर्शन के शरीर पर चोट के निशान थे।

और पढ़े: Maharajpur: मारपीट के बाद दलित महिला ने दर्ज कराया केस, चार आरोपियों पर SC/ST एक्ट की तलवार

 4 पुलिसकर्मियों हुए निलंबित 

आपको बता दें कि 26 नवंबर को 22 साल के दलित युवक दर्शन उर्फ ​​सिंगमलाई को शराब पीकर हंगामा करने के आरोप में पूछताछ करने के लिए पुलिस ले गई थी, जहां से उसे रिहैबिलिटेशन सेंटर (Rehabilitation Center) भेज दिया गया था। उसके ठीक 10 दिन बाद 26 नवंबर को खबर आई की दर्शन की मौत हो गई है। केस को जांच के लिए सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया है।

जिसके बाद से दर्शन की मां ने आदिलक्ष्मी ने मदनायकनहल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि टॉर्चर के कारण उनके बेटे की मौत हो गई है। वही इस मामले में पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर शिवकुमार, कांस्टेबल पवन, दो अन्य अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा मदनायकनहल्ली पुलिस की सीमा में आने वाले अदकमरनहल्ली में मौजूद यूनिटी सोशल सर्विस ट्रस्ट रिहैबिलिटेशन सेंटर के मालिक शामिल है। वही इस मुद्दे पर मृतक की मां के कंप्लेन के आधार पर इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलवा आपको बता दें, पुलिस और रिहेब सेंटर (Rehab Center) की भूमिका पर उठे सवालो के बाद राज्य के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने इस मामले की जांच के लिए केस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *