Kerala news: हाल ही में केरल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जो इंसानियत को शर्मसार करती है। एक दलित सरपंच के गांव की पंचायत के मुखिया पद से हटने के बाद, पंचायत ऑफिस को गोबर से शुद्ध किया, जो साफ तौर पर खुलेआम भेदभाव को दिखाता है। जिसे लेकर सियासी बवाल शुरू हो गया हैं।
दलित सरपंच के साथ भेदभाव
वैसे तो मांग की जाती है कि दलितों को हर क्षेत्र बराबरी मिलेगी.. तभी उनका विकास होगा, और शायद कहीं कहीं मौका मिलता भी है..लेकिन पद पर रहते हुए और पद से हटने के बाद जिस तरह का व्यावहार उनके साथ होता है..उससे लोगों की मानसिकता उजागर हो ही जाती है। जी हाँ, ऐसा ही एक मामला केरल (Kerala) के कोझीकोड (Kozhikode) में देखने को मिला है, जहां एक दलित सरपंच (Dalit Sarpanch) के पद से हटते ही पंचायत भवन का गोबर से शुद्दिकरण करने का मामला सामने आया है, जिससे दलित सरपंच का अपमान किये जाने का मामला तूल पकड़ चुका है।
पंचायत ऑफिस का गोबर से शुद्धिकरण
दरअसल ये घटना कोझिकोड जिले के चंगरोथ पंचायत कार्यालय (Changroth Panchayat Office) का है, जहां के यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के कार्यकर्ताओं ने पूर्व दलित पंचायत अध्यक्ष उन्नी वेंजेरी ने के पद से हटने के बाद नवनिर्वाचित एलडीएफ ((LDF)) के सरपंच के स्वागत के जश्न में पंचायत को गोबर के पानी से धो कर उसे झाड़ू से साफ किया था, जबकि और 3 पंचायत में भी एलडीएफ की जीत हुई है लेकिन वहां क्यों ऐसा स्वागत नहीं किया गया।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि युवाओं ने पानी और झाड़ू का इस्तेमाल सिर्फ़ प्रतीकात्मक तौर पर किया था। उनका मकसद यह संदेश देना था कि वे पंचायत में फैले भ्रष्टाचार को साफ़ कर रहे हैं, न कि किसी खास व्यक्ति को निशाना बना रहे हैं।
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अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं
ये केवल उनका अपमान करने के इरादे से किया गया है जबकि पिछले 5 सालों से एलडीएफ (LDF) के शासन में पंचायत ने सबको साथ लेकर काम किया था, वहीं अब इस मामले में अब जमकर राजनीति शुरु हो गई है। सीपीएम (CPM) की युवा शाखा, डीवाईएफआई (DYFI) ने चंगरोथ पंचायत कार्यालय तक अपना विरोध जताया है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है, लेकिन फिर भी पुलिस जांच कर रही है, वहीं SC/ST आयोग ने भी पुलिस से इस मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।



