Kesli news: दिवाली के छह दिन बाद, मध्य प्रदेश (MP) के केसली (Kesli) से जातिगत विवाद सामने आया है। जहाँ, ठाकुर समुदाय के लोगों ने एक दलित परिवार के घर में घुसकर पटाखे जलाने पर मारपीट शुरू कर दी। जब दलित परिवार की महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उन्हें भी जातिसूचक गालियाँ दी गईं। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और महिलाओं ने मुख्यमंत्री (CM) से मदद की गुहार लगाई। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे ममाले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
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दलितों के घर में घुसकर मारपीट
पहले कहा जाता था कि ऊंची जाति के लोग दलितों को अपने बराबर खड़ा देखना बर्दाश्त नहीं कर सकते, लेकिन इस दिवाली ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है जहां दलितों द्वारा पटाखे फोड़ने पर मनुवादी भड़क गए और एक दलित परिवार की पिटाई शुरू कर दी। जी हाँ, मध्य प्रदेश के सागर से एक खबर सामने आई है, जहां दलित समाज के बच्चों ने पटाखे क्या जलायें, कुछ सवर्ण समाज के लोगो को उनकी खुशिया मनाने से भी नाराजगी हो गई, और दबंगो ने दलित के घर में घुस कर मारपीट की।
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दबंगो ने घर में घुसकर जातिसूचक गलियां दी
दरअसल, ये घटना सागर (Sagar) के केसली (Kesli) थाना क्षेत्र की है। जहाँ, पीड़ित परिवार की महिलाओं ने केसली थाना (Kesli Police Station) में सीधे एसपी (ACP) से शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि दिवाली के दिन जब उनके बच्चे पटाखे जला रहे थे, तभी राजपूत क्षत्रिय समुदाय के लोगो ने उनके बच्चो पर चिल्लाना शुरु कर दिया, इतना ही नहीं जब दलित परिवार ने इसका विरोध किया तो दबंगो ने उनके घर में घुसकर गालियां दी और मारपीट की गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे दी।
महिलाओं ने CM से लगाई मदद की गुहार
दबंगो ने महिलाओं को भी नहीं छोड़ा, उनके साथ भी बुरी तरह से मारपीट की गई। फिलहाल पुलिस ने इस मामले को दर्ज करके जांच शुरु कर दी है। जांच के बाद आगे की कार्यवाई की जायेगी। वही इस घटना का एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमे पीड़ित महिला मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से यह भी पूछती नजर आईं कि, “केसली गांव में दलित परिवारों की महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए कहां छिपना चाहिए?”



