Nadda vs Kharge: हाल ही में राज्यसभा सेशन की एक खबर सामने आई हैं। जहाँ वंदे मातरम पर हुई चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सदन के नेता जे.पी. नड्डा के बीच तीखी बहस हुई। यह टकराव तब शुरू हुआ जब खड़गे ने दलितों से जुड़े मुद्दे उठाए और बीजेपी पर उनके प्रति “नफरत” रखने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं उन्होंने दलितों के अधिकार को लेकर भी
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मल्लिकार्जुन खरगे और बीजेपी अध्यक्ष नड्डा आपस में भिड़े
बेटे दिन मंगलवार के दिन नई दिल्ली (New Delhi) के संसद भवन (Parliament House) से सामने आई है, जहां वंदे मातरम (Vande Mataram) के स्थापना दिवस (Foundation day) पर दलितों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Congress President Mallikarjun Kharge) और बीजेपी के अध्यक्ष जे पी नड्डा आपस में भिड़ गए है। दरअसल वंदे मातरम के शुरु के दो लाइनो को लेकर बीजेपी (BJP) ने एक तरफ पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू (PM Jawaharlal Nehru) को घेरने की कोशिश की थी तो वहीं इसके जवाब में खड़के ने भी स्पष्ट रूप से कहा कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर (Mahatma Gandhi, Rabindranath Tagore) और अन्य नेताओं की सहमति से लिया गया था।
बीजेपी राज में दलितों का विकास
इन लाइनों में देश के हर एक को समान दृष्टि से देखा गया है, लेकिन बीजेपी के लिए दलितों और पिछड़ो को बराबरी से देखना भी गंवारा नहीं है, बीजेपी राज में दलितों के साथ होने वाले अत्याचारों की घटनाओं को लेकर संसद में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद नड्डा ने भी भड़कते हुए जवाब दिया कि जितना विकास बीजेपी राज में दलितों का हुआ है वो इससे पहले कभी नहीं हुआ। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि दलितों का सम्मान किया जाता है, और हम उनके हितों का ख्याल रखते हैं।
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बीजेपी राज में दलितों के साथ अत्याचारों
एक तरफ खड़गे ने बीजेपी को दलितो से नफरत करने वाला बताया, जबकि वो भी भारत माता की ही संतान हा, तो वहीं नड्डा ने खड़के का जवाब देते हुए कहा कि दलित हमारे लिए आदरनीय है और हम उनका ध्यान रखते है। दलितों के मुद्दे को उठाने को लेकर नड्डा खड़गे पर काफी भड़क गए कि खड़के दलितों को बीच में लाकर चर्चा का मुद्दा बदलना चाहते है। हालांकि क्या वाकई में बीजेपी शासन में दलितों का उत्थान हुआ है या नहीं ये तो भारत के दलित बखूबी जानते और समझते है।



