Meerut murder update: पिछले महीने उत्तर प्रदेश (UP) के मेरठ (Meerut) में एक चौंकाने वाली घटना हुई, जहाँ एक दलित महिला की हत्या कर दी गई और उसकी बेटी को अगवा कर लिया गया। अब इस मामले में एक नया बयान सामने आया है, जिसमें मृतक सुनीता देवी के पति ने दावा किया है कि पुलिस उन पर बेवजह दबाव डाल रही है और उन्हें इस मामले को लोगों के सामने न लाने के लिए कह रही है।
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पुलिस ही देने लगी ‘हाउस अरेस्ट’ की धमकी
हर दिन, दलितों के खिलाफ अत्याचार की खबरें सामने आती हैं। कभी उन्हें बिना किसी वजह के मार दिया जाता है, और कभी उन पर घटनाओं के बारे में चुप रहने का दबाव डाला जाता है। लेकिन क्या होता है जब पुलिस खुद ऐसा दबाव डालती है? जी हां, उत्तर प्रदेश के मेरठ से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां 8 जनवरी 2026 को एक दलित महिला सुनीता देवी की हत्या करने और उसकी बीस साल की बेटी रूबी के अपहरण करने के मामले में पीड़ित परिवार ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल रूबी के पिता सत्येंद्र कुमार ने चोरी छिपे मीडिया कर्मियों से बात की, जिसमें उन्होंने बताया कि रूबी के घर आने के बाद से उन्हें पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया हुआ है।
वकील और रिश्तेदारों से मिलने पर पाबंदी
इतना ही नहीं पुलिस लगातार उन पर और उनके परिवार पर दवाब बना रही है कि वो उस मामले को ज्यादा आगे लेकर न जाए। इतना ही नहीं पुलिस न तो पीड़िता परिवार को उनके वकील से मिलने दे रही है और न ही किसी रिश्तेदार से। उन्हें तो ये भी शक है कि उनके फोन टैप्स हो रहे होंगे। पीड़ित सत्येंद्र कुमार का कहना है कि आरोपी पारस सोम सवर्ण जाति है, इसलिए उसे बचाने के लिए पुलिस भी उसके साथ खड़ी है और हमको दबाने की कोशिश कर रही है।
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यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते गंभीर सवाल
आपको बता दें कि 8 जनवरी को सुबह खेतों में जाते वक्त पारस सोम ने सुनीता देवी पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई थी और उनकी बेटी को तमंचे के दम पर अपहरण करके ले गया था। जिसके बाद पुलिस ने तीसरे दिन दोनों को हरिद्वार से बरामद किया था। फिलहाल आरोपी पारस सोम जेल में है और पीड़िता अपने घर पहुंच गई है। पीड़ित परिवार के इस खुलासे के बाद से यूपी में कानून व्यवस्था और दलितों के साथ पुलिस के रवैए पर फिर से सवालियां निशान खड़े हो हुए है।



