Meerut news: उत्तर प्रदेश के मेरठ से का ये मामला पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है, जहां दलित महिला की हत्या करके उसकी 20 साल की लड़की का अगवा करने का मामला काफी बड़ा मुद्दा बना गया है। एक और पुलिस ने करीब 60 घंटे के बाद अपहृत लड़की और आरोपी पारस राज को हरिद्वार से बरबाद किया है तो पारस ने बयान दिया है कि रूबी अपनी मर्जी से भागी थी और अपनी मां पर हमला भी उसी ने किया था।
रूबी का चौकने वाला बयान
लेकिन रूबी के बयान ने सारा खेल बदल दिया, खबरों की माने तो रूबी ने बयान दिया है पारस ने उसके सामने उसकी मां पर हमला किया था, और उसे धमकी दी कि अगर उसके साथ नहीं बैठी तो उसपर भी हमला कर देगी। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी मां इस हमले से मारी जाएंगी। रूबी के बयान के बाद रविवार को ही विशेष अदालत ने पारस को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं रूबी को फिलहाल वन स्टॉप सेंटर यानी कि आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में बहुत सख्ती से जांच कर रही है, ऐसे में सवाल ये उठता है कि कहीं ऐसा न हो कि दवाब के रूबी को अपने बयान से पलटने पर मजबूर होना पड़े।
आजाद ने नहीं मानी हार
वही इस मामले को लेकर सियासत भी काफी गरमाई हुई है…ईटा ही नहीं भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने तो मेरठ पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए सारी हदें पार कर दी। सोशल मीडिया पर आजाद के वीडियो लगी तेजी से वायरल हो रहे है जिसमें वो सड़को पर भागते हुए, तो कभी अकेले ही बाइक से तो कभी कच्ची सड़कों पर तेजी से चलते नजर आ रहे है। पुलिस ने काफी कोशिश की कि आजाद पीड़ित परिवार से न मिल पाए लेकिन आजाद ने भी हार नहीं मानी।
भीम आर्मी प्रमुख चीफचंद्र शेखर आजाद का बयान
वहीं अब आजाद का बयान भी सामने आया है जिसमें उन्होंने ये डर जताया है कि कहीं ऐसा न हो कि पुलिस और आरोपी के दवाब में आने के कारण रूबी अपने बयान से न बदल जाएं, क्योंकि अगर ऐसा होता है तो इतने दिनों से लड़ी जाने वाले दलितों की ये लड़ाई कमजोर पड़ जाएगी। हालांकि रूबी पर किसी तरह का दबाव न बने इसीलिए उसे घरवालों से दूर रखा गया है जिस पर हर वक्त निगरानी रखी जा रही है।



