Damoh Dalit case: हाल ही में उत्तर प्रदेश के मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दामोह (Damoh) से चौकाने वाली खबर सामने आई हैं। जहाँ एक OBC समाज से आने वाले युवक के साथ गाँव के कुछ उंच जाति के लोगो ने अमवानीय व्यवहार किया है। दलित युवक से जबरन पैर धुलवाये और उसे जबरन पैर धुले हुए पानी को पीने के लिए कहा गया। जिसका एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे ममाले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
दलित युवाओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार
मध्य प्रदेश के दामोह से एक खबर सामने है, जहां दलित व्यक्ति से जबरन पैर धुलवाने को लेकर अब एमपी हाईकोर्ट (MP Highcourt) ने खुद इस मामले में संज्ञान ले लिया है। ये मामला दमोह जिले के पटेरा (Patera) थाना क्षेत्र के सतरिया (Satria) गांव का है, जहां गुरू शिष्य दक्षिणा के नाम पर एक ब्राह्मण लड़के अन्नू पाण्डेय ने जबरन कुशवाहा समाज (OBC Community) के एक लड़के पुरुषोत्तम कुशवाहा से पहले जबरन पैर धुलवायें और फिर उस पानी को पीने पर मजबूर किया था।
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मामले में एमपी हाइकोर्ट ने भी हस्तक्षेप
इस घटना का वीडिय़ो जब वायरल हुआ तो पुलिस के कान खड़े हो गए। इतना ही नहीं इस मामले में खुद एमपी हाइकोर्ट (MP Highcourt) ने भी हस्तक्षेप कर दिया है, इस मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा ने इस तरह की घटना को मानवीय मूल्यों का उल्लंघन बताया और साथ ही दमोह पुलिस और जिला प्रशासन को आरोपियों पर एनएसए (NSA) की कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस मामले में 4 लोगो को आरोपी बनाया गया था, जिसमें 2 को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और वहीं दो लोग फरार है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
बता दें कि पीड़ित ने मुख्य आरोपी अन्नू पांडे का एक मीम्स सोशल मीडिया पर शेयर किया था। जिसमे पीड़ित युवक को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और उससे जबरदस्ती ये भी बुलवाया गया कि वो जो भी कर रहा है अपनी मर्जी से कर रहा है। इतना ही नहीं उसे बुरी तरह से बेज्जत किया गया था, वहीं जब कुशवाहा समाज ने इसका विरोध किया तो अन्नू पांडे ने इसे गुरु शिष्य के बीच का रिश्ता मात्र बताया है। हालांकि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब पुलिस ने और तेजी दिखाई है और बाकि के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।



