RamBhadraCharya Vs Pappu Yadav: हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान सामने आया हैं जिसमे वो कहते हुए नजर आ रहे हैं कि जाति-आधारित आरक्षण खत्म करने की बात पर सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
रामभद्राचार्य के बयान संसाद पप्पू यादव का पलटवार
बिहार के पूर्णिया से एक खबर सामने आई है, जहां दलितों के खिलाफ चल रही बड़ी साजिश के तहत आरक्षण खत्म करने को लेकर दरअसल पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (MP Pappu Yadav) ने जातिगत आधारित आरक्षण को खत्म करने को लेकर बयान दिया है। जिसे लेकर एक बार फिर सियासी हलचल शुरू हो गयी हैं।
दलितों को बनाये शंकराचार्य
उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य (Rambhadracharya) के बयान पर तीखा पलटवार करने हुए कहा कि अगर वाकई में अगर शंकराचार्य दलितों, अनुसूचित जाति (scheduled caste) और अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) के लोगों को अपने बीच शामिल करते हैं और उन्हें भी शंकराचार्य बनाते हैं, तो वह तुरंत आरक्षण समाप्त करने के पक्ष में हैं।
इतना ही नहीं पप्पू यादव ने ये भी कहा कि उन्हें रामभद्राचार्य के बारे में जानकारी नहीं है, और यह भी कि ऐसे लोग जो अंधविश्वास और संकीर्ण मानसिकता में उलझे हुए हैं, उनका समाधान केवल अंबेडकरवादी विचारधारा ही कर सकती है। उन्होंने रामभद्राचार्य के दृष्टिकोण का विरोध करते हुए उन्हें सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से गलत ठहराया है।
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रामभद्राचार्य का बयान देश में SC-ST एक्ट खत्म करो
बता दें कि जगतगुरु रामभद्राचार्य (Jagatguru Rambhadracharya) ने कहा रहा कि देश में scst एक्ट खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि वेदों में तो अवर्ण और सवर्ण का कोई उल्लेख नहीं है। इस लिए जाति आधारित आरक्षण होना ही नहीं चाहिए। जिसके बाद से बिहार (Bihar) के पूर्णिया (Purnia) के सांसद पप्पू यादव ने करता जवाब देते हुए कहा कि अगर जाति आधारित आरक्षण खत्म करना है तो फिर दलितों और पिछड़ों को भी शंकराचार्य बनाना अनिवार्य करना ही होगा। क्या वो इसके लिए तैयार है।
दरअसल पिछले कुछ समय से दलितो के लिए दिए गए आरक्षण को खत्म करने के लिए कई साजिशों का पर्दाफाश हुआ है। जिससे देश में दलितों के अधिकारों की लड़ाई तेज हो गई है। वही जगतगुरु रामभद्राचार्य के इस बयान के बाद से जिसके बाद यह राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है।



