Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के यंडापल्ली हाई स्कूल में एक शिक्षक द्वारा छात्र पर आपत्तिजनक जातिगत टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। जिसे लेकर गुस्साए परिजनों ने टीचर के खिलाफ स्कूल के सामने धरना प्रदर्शन किया। वही आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग की हैं।
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स्कूल में छात्र को जातिसूचक गाली
आज के भारत में भी, जहाँ शिक्षा को बराबरी और तरक्की की चाबी माना जाता है, स्कूलों में टीचरों द्वारा दलित बच्चों के साथ भेदभाव के चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। यह अजीब बात है कि जिन एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को बराबरी और न्याय सिखाना चाहिए, वे जाति के भेदभाव के कारण मासूम बच्चों को मेंटल और इमोशनल शोषण का शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से सामने आया है। जहां एक दलित छात्र पर उसके ही शिक्षक द्वारा जातिसूचक टिप्पणी करके उसे अपमानित करने का मामला सामने आया है।
दरअसल, ये घटना काकीनाडा जिले (Kakinada district villages) के यू कोट्टापल्ली मंडल (Kakinada district villagesalli Mandal) में हाई स्कूल (highcourt) में घटित हुई। दरअसल दलित समाज (Dalit society) के कुछ लोगो ने स्कूल के सामने हंगामा शुरु कर दिया, उनका आरोप था कि स्कूल के इंग्लिश के शिक्षक श्रीनुबाबू अक्सर दलित छात्रों (Dalit students) को अपशब्द और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करता है।
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टीचर ने छात्र को कहा ‘गंदी जाति से आते हो
पीड़ित छात्रो ने बताया कि इंग्लिश टीचर उन्हे अक्सर कहता है कि वो गंदे है, गंदी जाति से आते है, तुम्हें क्या लगता है कि एससी (SC) कोई खास जाति है। इस मामले में पहले भी कई बार स्कूल के प्रिंसीपल भूषण से भी शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद थक हार कर अभिभावक और बच्चे सड़क पर उतर आये है।
इस मुददे के सामने आने के बाद विपक्षी YSR कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वो शिक्षा व्यवस्था को भी जातिगत भेदभाव के तराजू में तौलने लगे है। हालांकि तब भी अभी तक स्कूल प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। इसके अलवा आपको बता दें, ये मामले न सिर्फ बच्चों के भविष्य पर असर डालते हैं बल्कि संविधान और शिक्षा के अधिकार की बुनियादी भावना का भी उल्लंघन करते हैं।



