Karnataka: स्कूल की टंकी में जहरीला पानी, मुस्लिम प्रिंसिपल के खिलाफ रची बड़ी साजिश, हिंदू संगठन नेता गिरफ्तार

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poison mixed in school water: कर्नाटक के बेलगावी जिले के हिलिकुट्टी नाम के गांव से 14 जुलाई को एक खबर आई थी… खबर थी कि वहां के प्राइमरी स्कूल में करीब 12 बच्चे जहरीला पानी पीने के कारण काफी बीमार पड़ गए है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग और बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल के प्रिंसिपल जो कि एक मुस्लिम है, उनकों घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। लोगों ने मुस्लिम प्रिंसिपल पर आरोप लगाया कि उन्होंने बच्चों को जानबूझ कर नुकसान पहुंचाने के लिए पानी की टंकी को साफ नहीं करवाया और पानी जहरीला हो गया जिसे पीने से बच्चें बीमार हो गए। लेकिन इतनी मात्रा में बच्चों के बीमार पड़ने से मामला कानूनी हो गया और तुरंत जांच शुरु की गई..लेकिन इस जांच में जो सामने आया वो बेहद ही चौंकाने वाला है। दरअसल ये मुद्दा केवल धार्मिक संप्रदायिकता खराब करने का ही नहीं बल्कि दलित उत्पीड़न का भी है। क्या है पूरा मामला जानेंगे इस रिपोर्ट में….

कहा हुआ था स्कूल में?

14 जुलाई 2025 को कर्नाटक के बेलगावी जिले के हिलिकुट्टी गांव में मौजूद प्राइमरी स्कूल में 12 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए.. तुंरत अस्पताल पहुचायां गया। बच्चों के बीमार होने से गांव वालों के कान खड़े हो गए। जांच की गई तो पता चला कि बच्चों के लिए पीने के पानी की टंकी असल में जहरीली हो गई है। जिसे पी कर ही बच्चे बीमार हुए है..बच्चों के घरवालों ने तुरंत प्रिंसिपल को घेरना शुरु कर दिया। मामला 12 बच्चों का था तो तुरंत इस मामले की जांच शुरु की गई.. जांच पूरी होने पर पुलिस ने 3 लोगो को गिरफ्तार किया।

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किसने रची थी बच्चों को मारने की साजिश

दरअसल पुलिस ने स्कूल की पानी की टंकी के पानी की जांच करवाई तो फोंरेंसिक रिपोर्ट में पानी में जहरीला पदार्थ मिलाने की पुष्टि हुई और सकूल में पूछताछ शुरु हुई। इस पूछताछ में एक पांचवी कक्षा का छात्र सामने आया और उसने स्वीकार किया कि उसने ही पानी में एक बोतल जूस मिलाई थी, जिसेक लिए उसे चॉकलेट और 500 रूपय मिले थे। एक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे का इस्तेमाल वो भी इतने बच्चों को नुकसान पहुंचाने के लिए क्या गया..ये बेहद दिमाग हिलाने वाला खुलासा था। पुलिस ने बच्चे की शिनाख्त पर तुरंत कृष्णा मदार नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने जो बताया वो बेहद ही शॉकिंग था।

प्रिंसीपल को स्कूल से निकालने के लिए रची साजिश

कृष्णा मदार ने पुलिस को बताया कि वो एक दलित जाति से आता है, और उसका प्रेम प्रसंग एक अंतरजातिय लड़की से चल रहा है, जिसकी खबर सागर पाटिल और नागनगौड़ा पाटिल को लग गई थी..इसी का फायदा उठा कर वो दोनो पिछले कई दिनों से कृष्णा मदार को ब्लैकमेल कर रहे थे, उसे मजबूर किया गया कि वो स्कूल की पानी की टंकी में जहर मिला दें। कृष्णा मदार ने खुलासा होने के डर से तीन तरह की मादक चीजे खरीदी और उसे जूस में मिला दिया। इतना ही नहीं उसी ने पांचवी में पढ़ने वाले छात्र को चॉकलेट और 500 रूपय का लालच दिया था ताकि वो पानी की टंकी में नशीला पदार्थ मिला दें। पुलिस ने बिना वक्त गवाएं सागर पाटिल और नागनगौड़ा पाटिल को धर दबोचा। इसमें से सागर पाटिल श्री राम सेना तालुक अध्यक्ष भी है। ऐसा करने के पीछे दोनों आरोपियों का बेहद ही खतरनाक मकसद था। दरअसल नागनगौड़ा पाटिल और सागर पाटिल स्कूल के मुस्लिम प्रिंसिपल सुलेमान गोरिनाइक को स्कूल से निलंबित कराने या फिर ट्रांसफर कराने के फिराक में था, वो जानता था कि अगर बच्चो को कुछ हो जाता है तो गांववाले सुलेमान को किसी भी हाल में गांव के स्कूल में नहीं रहने देते।

बताते चले कि सुलेमान पिछले 13 सालों से स्कूल के प्रिंसिपल के तौर पर स्कूल में सेवा दे रहे थे। लेकिन एक मुस्लिम प्रिंसिपल सागर पाटिल को स्वीकार नहीं था और वो केवल इसी फिराक में लगा रहता था कि किस तरह से उसे स्कूल से निकलवाया जा सकें, और इसी के लिए उसने इतनी बड़ी साजिश रची। ये केवल धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए और लोगो के मन में इस्लाम धर्म को लेकर जहर घोलने के लिए इतनी बड़ी साजिश रची गई।

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मामले ने लिया राजनीतिक रूप

तीनों आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद इस सच का खुलासा हुआ..जिसने एक बहुत बड़ा राजनीतिक रंग ले लिया है। कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने एक्स पर एक ट्वीट किया…जिसमें उन्होंने कहा- आरोपीयों की ये करतूत सांप्रदायिक सौहार्द के लिए एक बड़ा खतरा है। इस तरह का धार्मिक कट्टरवाद और सांप्रदायिक नफरत बड़े गुनाहों को जन्म देने वाला है। वो तो शुक्र है कि बच्चों को कुछ नहीं हुआ नहीं तो ये कृत्य असल में बच्चों का नरसंहार हो सकता था।

बीजेपी को बताया नफरत की वजह

कर्नाटक सीएम ने लगे हाथों बीजेपी और दक्षिणपंथी संगठनों पर भी निशाना साधा..उन्होंने कहा की आज लोगों के अंदर नफरत की भावना जो उनके खून में बढ़ती जा रही है उसकी उपज बीजेपी की देन है। बीजेपी के आने के कारण लोगो के मन में दलितों और दूसरे धर्म के प्रति इतनी ज्यादा नफरत पैदा हो रही है। जबकि इससे केवल बीजेपी का राजनीतिक लाभ हो रहा है.. जरूरत है कि इस मुद्दे पर आत्मचिंतन करने का। सीएम ने ये भी पूछा कि अगर कोई बड़ी अनहोनी हो जाती तो क्या श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक इस घटना की जिम्मेदारी लेंगे? क्या बीजेपी नेता बीवाई विजयेंद्र और आर अशोक जिम्मेदारी लेंगे?

बताते चले कि कर्नाटक सरकार ने राज्य में धार्मिक सद्भावना को बनाए रखने और इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। जो उन लोगो पर पैनी नजर रखते है जो कि धार्मिक या फिर जातिगत नफरत फैलाने वाले कृत्य करते है या ऐसे भाषण देते है। ऐसा लगता है कि सीएम सिद्दारमैया बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति को बखूबी समझ चुके है और वो किसी भी हाल में कर्नाटक का हाल हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य़ प्रदेश जैसा नहीं होने देना चाहते है। ये सभी बीजेपी शासित राज्य है और समझदार को इशारा काफी है।

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