OP Rajbhar controversial statement: हाल में उत्तर प्रदेश के अमरोह से खबर सामने आई। जहाँ कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अपने विवादास्पद बयानों के कारण खबरों में बने हुए हैं। हाल ही में अमरोहा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दलितों और वंचितों के बारे में ऐसा कुछ कहा, जिसने विवाद को जन्म दिया। आइए इस लेख में जानते हैं कि आखिर ओपी राजभर ने कौन-सा बयान दिया, जिससे इतना हंगामा हुआ।
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दलितों, पिछड़ों और वंचितों के बीच जागरूकता फैले
ओपी राजभर अमरोहा में दलितों, पिछड़ों और वंचितों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए एक सभा को संबोधित करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे… तभी उन्होंने कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर ने आपको जो वोट का अधिकार दिया है, उसे दारू, मुर्गा और पैसे के लिए मत बेचो। ” उन्होंने आगे कहा कि इस वोट से आपको शिक्षा, स्वास्थ्य, शांति और भाईचारा मिल सकता है। ओपी राजभर ने कार्यक्रम में यह भी कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रही है कि समाज के हर वर्ग – गरीब, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों – को उनका सही हक मिले।
क्या है पार्टी का उद्देश्य?
इसका उद्देश्य जो वंचित हैं, शोषित है, पीड़ित है उनको जागृत करना। उनको बताना कि जो बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर जी ने वोट का अधिकार दिया है उस वोट को दारू मुर्गा पैसा पर मत बेचो भाई यह वोट वो चीज है किसी से शिक्षा पा सकते हो स्वास्थ्य पा सकते हो रोजगार पा सकते हो नौकरी पा सकते हो किसी वोट से अमन चैन भाईचारा मिल सकता है। इतना ही नहीं शिक्षा पर जोर देते हुए राजभर ने कहा कि हम चाहते हैं कि गरीब का बच्चा क से कबूतर नहीं बल्कि क से कंप्यूटर पढ़े।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में भेदभाव खत्म होना चाहिए। जैसे मोबाइल बिना रिचार्ज के नहीं चलता, वैसे ही बच्चों का भविष्य शिक्षा के बिना नहीं बन सकता। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार की जमकर तारीफ की और तारीफ करते हुए कहा कि इनके नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास के नए आयाम छू रहे हैं। ओपी राजभर ने कहा कि सुभाजपा का लक्ष्य है कि हर गरीब पिछड़ा और अल्पसंख्यक सम्मान के साथ विकास की मुख्यधारा में शामिल हो।हालांकि राजभर का मकसद वोटरों में जागरूकता फैलाना था, लेकिन कई दलित संगठनों और नेताओं ने इसे अपमानजनक माना। जिसके बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने स्पष्ट किया की ओपी राजभर का बयान किसी को ठेस पहुचने मकसद नहीं था।



