Rajratan Ambedkar: कांग्रेस की दलित नीति पर सवालिया निशान, बाबा साहेब के पड़पोते ने खोल दिया मोर्चा

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Rajratan Ambedkar: हाल ही में एक खबर सामने आई है कि बाबा साहेब के परपोते राजरतन अंबेडकर ने कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस, जो अब खुद को दलित समर्थक बता रही है और बाबा साहेब का नाम ले रही है, उसने अंबेडकर को कभी वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे।

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कांग्रेस पर फिर से लगा दलितों की अनदेखी का आरोप

कांग्रेस पार्टी, जो लंबे समय से खुद को दलितों का हितेषी बताती रही है और उनके कल्याण के लिए काम करने का दावा करती है, वही अक्सर अपने नेता राहुल गांधी को दलित समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए दिखाती है। लेकिन हाल ही में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब के परपोते राजरतन आंबेडकर (Great-grandson Rajratan Ambedkar)  ने बाबा साहब को अवहेलना करने के मामले में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस के कथित दलित हितैषी होने के दावों को बखिया उधेड़ते हुए कहा कि कांग्रेस केवल नाम के लिए दलितों के भले के लिए राजनीति करने का दावा करती है।

लेकिन असल में वो हिस्सेदारी देने के सबसे पीछे है। उन्होंने मांग की है कि अगर वाकई में कांग्रेस बाबा साहब के विचारधारा और दलित समाज का सम्मान करती तो केवल राज्यसभा में बाबा साहब की तस्वीर लगाने के बजाय किस तरह से बाकी राजनैतिक परिवारों को राजनीति में मजबूत जगह दी गई वैसे ही आंबेडकर परिवार को भी सम्मान मिलता।

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कांग्रेस बाबा साहब के नाम का सहारा लेती है

सच तो ये है कि राजनीति रोटियां सेंकने के लिए कांग्रेस बाबा साहब के नाम का सहारा लेती है। लेकिन सत्ता या संवैधानिक पदों पर वास्तविक हिस्सेदारी नहीं देती। अब जरूरी है कि कांग्रेस के लुभावने वादों में फंसने के बजाय दलित समाज को वास्तविक हिस्सेदारी मिले, ताकि दलित समाज मजबूत हो सके। पहले कांग्रेस के ही नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने आरोप कांग्रेस पर दलितों की अनदेखी का आरोप लगाया और अब ये नया आरोप, इन आरोपों से कैसे बचेगी कांग्रेस ये देखने वाली बात होगी। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे सिर्फ राजनीतिक मकसद के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करने के बजाय, बाबासाहेब के आदर्शों को ज़मीन पर लागू करें।

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