Dalit Land Fraud: हाल ही में, उत्तर प्रदेश (UP) के रसूलाबाद (Rasulabad) में एक दलित व्यक्ति की ज़मीन जाली दस्तावेज़ों के ज़रिए किसी और को बेच दी गई। ज़मीन को जाली दस्तावेज़ों के ज़रिए अवैध रूप से हस्तांतरित और बेचा गया। पीड़ित परिवार ने बाद में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। वही मामले की सूचना मिलने पर, एसडीएम (Sub-District Magistrate) ने मामले का संज्ञान लिया और अवैध निर्माण को तुरंत रुकवा दिया। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले को समझाते हैं।
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धोखे से दलित परिवार की जमीन बेचीं
दलितों के खिलाफ धोखाधड़ी की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। कभी उनका पैसा हड़प लिया जाता है, कभी उनकी ज़मीन अवैध रूप से हड़प ली जाती है, तो कभी उनकी ज़मीन धोखे से बेच दी जाती है। ऐसा ही एक मामला कानपुर देहात (Kanpur Dehat) के रसूलाबाद (Rasulabad) में सामने आया, जहाँ एक दलित व्यक्ति की ज़मीन जाली दस्तावेज़ों के ज़रिए दूसरे समुदाय के व्यक्ति को बेच दी गई साथ ही उस पर अवेध निर्माण भी शुरू करवा दिया गया है।
पीड़ित परिवार का आरोप
दरअसल बीते दिवाली के दौरान एक दलित परिवार की ज़मीन पर हुए अवैध निर्माण ने गंभीर ज़मीनी विवाद को जन्म दे दिया है। परिवार का आरोप है कि एक ग्रामीण ने जाली दस्तावेज़ बनाकर उनकी ज़मीन कुछ ओबीसी (OBC) लोगों को बेच दी।
जिसके बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय थाने में जाकर इस मामले में शिकायत दर्ज कराई जहां पीड़ित परिवार जिसमें बराती लाल, रणधीर, रोशनी देवी और राम आसरे शामिल हैं ने बताया कि वे कठेरिया समुदाय से हैं और उनकी पुश्तैनी जमीन जिसका खाता संख्या 1994 और रकबा 0.1230 हेक्टेयर है, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घसीटे के बेटे मुरली ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके इसे बेच दिया है।
एसडीएम रसूलाबाद ने तत्काल रुकवाया अवैध निर्माण
वही जब मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मामला सामने आया तो मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम (SDM) रसूलाबाद सर्वेश कुमार और तहसीलदार संतोष कुमार के निर्देश पर नायब तहसीलदार शिवदर्शन सिंह ने मौके पर पहुँचकर तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। अब विस्तृत जांच चल रही है। वही इस घटना के बाद से दलित समुदाय के लोगों में काफी आक्रोश है उनका कहना है कि जब जमीन किसी और की तो बेच कैसे दी साथ ही इस घटना ने एक बार प्रशासन और सरकार पर सवाल खड़े कर दिए है। आखिर दलितों के साथ ही क्यों इस तरह की घटना होती हैं। आखिर कब तक दलित समुदाय अपने अधिकारों के लड़ता रहेगा।
इसके अलवा SDM ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जाँच चल रही हैं जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।



