Basti: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की बड़ी कार्रवाई, CO और SHO पर गिरी गाज दलित नेता को फंसाने के आरोपों की जाँच

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Basti news: हाल ही में उत्तर प्रदेश (UP) के बस्ती (Basti) से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने दलित नेता आरके आरतियन के खिलाफ कथित रूप से मनगढ़ंत मामले का संज्ञान लेते हुए सर्कल ऑफिसर (CO) और स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) के खिलाफ कार्रवाई की है और इन अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं

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झूठे मामले में दलित नेता को फंसाया

अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ ऊँची जाति के लोग दलित नेताओं को झूठे मामलों में फँसाते हैं। ऐसा ही एक मामला बस्ती से सामने आया है, जहाँ भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष दलित आरके आरतियन ने आरोप लगाया है कि सदर (Sadar) पुलिस क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी और वाल्टरगंज थाना (Walterganj Police Station) प्रभारी उमाशंकर तिवारी ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने की साजिश रची।

विरोध करने के बाबा साहिब की मूर्ति पर पोती कालिख 

यह घटना वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के परसाजागीर गाँव (Parsajagir village) में घटी। 14 मार्च, 2025 को कुछ ऊँची जाति के लोगों ने अंबेडकर पार्क में सरकारी ज़मीन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास होलिका दहन किया। जिसको लेकर दलित समुदाय के कुछ लोगो ने विरोध किया था लेकिन विरोध के बावजूद, बाबा साहिब कि मूर्ति के सामने राख और कूड़ा डाला गया और प्रतिमा पर कालिख भी पोत दी गई।

दलितों द्वारा की गई शिकायत के बाद, आरके आरतियन और उनके सहयोगियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जानकारी दी। हालांकि, उन्हें सहायता मिलने के बजाए धमकियों का सामना करना पड़ा।

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आरतियन के खिलाफ छेड़छाड़ का ममला दर्ज 

इसी सिलसिले में चार दिन बाद, 19 मार्च को एक बुजुर्ग महिला की शिकायत पर आरके आरतियन और ठाकुर प्रेम नंदवंशी पर अपहरण, छेड़छाड़ और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। आरतियन का कहना है कि यह सब उनके खिलाफ एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। आयोग ने 14 जुलाई को शिकायत का संज्ञान लिया और 24 अक्टूबर को एक नोटिस जारी कर जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक से घटना का पूरा विवरण, वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जनकारी के अनुसार मामले की वर्तमान स्थिति और अन्य प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

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