Ram Vanji Sutar demise : अंबेडकर से सरदार पटेल तक महापुरुषों को अमरता देने वाले मूर्तिकार राम सुतार पंचतत्व में विलीन

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Ram Vanji Sutar has passed away: हाल ही में एक खबर सामने आई हैं।  दरअसल, पद्म भूषण (Padma Bhushan) से सम्मानित प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार का 18 दिसंबर को नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। राम वनजी सुतार (Ram Vanji Sutar) के निधन की खबर सुनकर कला जगत में शोक की लहर है। कई बड़े नेताओ ने उन्हें श्रधांजलि दी हैं।

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100 साल ही उम्र में हुआ निधन

प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वंजी सुतार का निधन 17 दिसंबर, 2025 को रात के अंधेरे में नोएडा स्थित उनके निवास पर हुआ। उनकी आयु 100 वर्ष थी, और वह पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से grappling कर रहे थे। राम सुतार भारत के महानतम मूर्तिकारों में से एक माने जाते हैं, उन्हें एक ऐसा कलाकार माना जाता था जो पत्थर और कांसे में जान डाल सकता था।

उन्हें कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा कई बड़े सम्मानों से नवाजा गया था। जिसमे साल (1999) पद्म श्री साल (2016) में उन्हें पद्म भूषण मिला और साल (2025) में महाराष्ट्र भूषण मिला जो कि महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया था। आपको बता दें, वही उनके निधन की खबर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त किया है और इसे कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।

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राम वंजी सुतार द्वारा बनाई गयी मुर्तिया

राम सुतार का जन्म 19 फरवरी, 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंडुर गांव में हुआ था। उन्होंने मुंबई के मशहूर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट से पढ़ाई की और अपने सात दशक लंबे करियर में भारतीय मूर्तिकला को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी – उन्होंने गुजरात में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति डिज़ाइन की, जो दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है।

बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति – उन्होंने हैदराबाद में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 125 फुट ऊंची मूर्ति और संयुक्त राज्य अमेरिका (मैरीलैंड) में ‘स्टैच्यू ऑफ़ इक्वालिटी’ भी बनाई है।

संसद भवन की मूर्तियाँ – ध्यान मुद्रा में महात्मा गांधी की प्रसिद्ध मूर्ति और संसद परिसर में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति भी उन्हीं की बनाई हुई हैं।

इसके अलवा आपको बता दें, उन्होंने न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के कई देशों में महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर (Mahatma Gandhi and Dr. B.R. Ambedkar) की बड़ी-बड़ी मूर्तियाँ बनाई थीं। अमेरिका (USA) के मैरीलैंड (Maryland) में लगी बाबासाहेब (Babasaheb) की सबसे ऊँची मूर्ति, ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी'(Statue of Equality), भी उन्हीं के मार्गदर्शन में बनाई गई थी। उनके द्वारा बनाई गई मूर्तियाँ दुनिया भर के 450 से ज़्यादा शहरों में स्थापित हैं। जिनसे उन्हें वैश्विक तौर पर पहचान मिली थी।

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