Shamli news: उत्तर प्रदेश (UP) के शामली से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है, जहां दिनदहाड़े 3 युवक एक दलित महिला के घर में जबरन घुस गए और महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे, इतना ही आरोपियों ने महिला के कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने महिला को जातिसूचक गलियां दी और धमकी देकर मौके से भाग निकले।
और पढ़े: Latehar news: कोल ब्लास्टिंग टूटा दलित परिवार का आशियाना, विरोध में कोलियरी ठप
दलित महिला के घर में जबरन घुसे आरोपी
वर्तमान परिस्थितियों में दलितों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि पुलिस भी उन पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती है और बात को आई-गयी करके छोड़ देती है। जी हाँ, पुलिस का ऐसा ही कुछ रवैया एक बार फिर देखने को मिला है। जहाँ शामली (Shamli) के इस्लामपुर घसौली गांव (Islampur Ghasauli Village) के कुछ दबंग युवक एक दलित महिला के घर में जबरन घुस गए और महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी साथ ही उसके कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की।
महिला के कपड़े फाड़ने की कोशिश
वही इस घटना को लेकर पीड़िता माया ने पुलिस को तहरीर दी कि बीते 7 नवंबर की दोपहर को वो अपने छोटे बच्चों के साथ घर पर अकेली थी, उसके पति संजीव किसी काम से बाहर गए थे। तभी नरेश, नवासा और सोनू उसके घर में जबरन घुस गए, उन लोगो ने पीड़िता से उसके पति के बारे में पूछा, लेकिन महिला ने अपने पति के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया जिससे गुस्सायें तीनो आरोपियों ने महिला को बुरी तरह से पीटना शुरु कर दिया, उसे जातिसूचक गालियां भी थी। इस मारपीट में उसके कपड़े फट गए। तीनो महिला को घायल अवस्था में छोड़ कर धमकी देकर फरार हो गए।
और पढ़े: मायावती और कंट्रोवर्सी एक ही सिक्के के दो पहलू… जानिए दामन पर लगे इन दागों के पुराने-नए किस्से
पीड़िता को सुरक्षा मुहैया करायी जाये
जिसके बाद पीड़िता ने देर शाम दलित समाज के कुछ लोगो के साथ जाकर पुलिस कम्प्लेन लिखवाने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस वालो ने मामले को दर्ज करने से ही इंकार कर दिया। जिससे बाद थक हार कर पीड़िता को राष्ट्रीय अनूसूचित आयोग (National Scheduled Commission) को पत्र लिख अपनी अर्जी देनी पड़ी। दलित समाज संगठन के राष्ट्रीय महासचिव ब्राह्मपाल ने आयोग से मांग की है कि पीड़िता की अर्जी पर जल्द से जल्द कार्यवाई की जायें और पुलिस को आदेश दिये जाये कि वो पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराये और और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जायें। हालांकि अभी तक आयोग की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।



