Top 5 dalit news : जब बाबा साहब ने कहा था कि केवल शिक्षा के दम पर ही किसी की कुंठित सोच को बदला जा सकता है। हर एक व्यक्ति समान है और सबको शिक्षा का अधिकार है लेकिन तब शायद उन्हें ये नहीं पता था कि भारत में मनुवादी सोच खत्म नहीं होगी बल्कि और फलफूल जाएगी। न दलित पढ़ेंगे, और न ही आगे बढ़ेंगे। कोयंबटूर से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर आई है जहां एक दलित डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के बाथरूम में मृत मिली। इस खबर ने सबको सकते में डाल दिया है, कॉलेज प्रशासन की क्या है प्रतिक्रिया, जानेंगे सब कुछ। तो वहीं मजदूर को अपनी मजदूरी की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। दलित युवक की हत्या में एक बड़ी पार्टी के नेता का हाथ है तो वहीं पुरुषों की गुहार अनदेखा होते देख अब दलित महिलाएं उतर आई है सड़क पर, लेकिन ऐसा क्या हुआ जिसके कारण महिलाओं को घर की दहलीज से उतरना पड़ा सड़क पर, जानेंगे सारा मामला, तो वहीं अब तक केवल ठाकुरों के अत्याचार से त्रस्त दलितों को उनकी सड़क से भी बारात ले जाने की मनाही थी लेकिन अब तो मुसलमानों ने भी दलितों को तंग करना शुरू कर दिया। मस्जिद के आगे से दलित बारात गुजरने पर क्या हुआ ऐसा, ये भी जानेंगे। मानवता को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आयी है जहां एक दलित लड़के से शादी करने के लिए एक बेटी ने अपने ही पिता की हत्या कर दी, जिसमें खुद उसकी मां भी शामिल थी। क्या है ये समसनीखेज मामला, जानेंगे सब कुछ विस्तार से।
तमिलनाडु में दलित महिला डॉक्टर की कॉलेज के बाथरूम में संदिग्ध मौत
तमिलनाडु में दलितों के साथ होने वाली बर्बरता थमने का नाम नहीं ले रही है। जी हां, कोयंबटूर से एक 29 वर्षिय दलित डॉक्टर की मौत ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। ये मामला है कोयंबटूर के पीएसजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का, जहां पर 29 वर्षिय दलित डॉक्टर भववपूरानी एमडी के फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। दलित डॉक्टर कॉलेज के वेटिंग रूम के बाथरूम में मृत पाई गई है। एक तरफ कॉलेज अथॉरिटी इसे खुद को इंजेक्शन से आत्महत्या करने का मामला बता रही है तो वहीं दलित युवती के पिता ने ऑथोरिटी पर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की 2 बजे रात में मौत हो गई थी फिर भी उन्हें सुबह तक कोई सूचना नहीं दी गई। ये कोई आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के पोस्टमार्टम की जानकारी सार्वजनिक हो सके ताकि कॉलेज प्रशासन का घिनौना चेहरा सबके सामने आ सके। आपको बता दे कि तमिलनाडु में पिछले कुछ समय से कई छात्रों की संदिग्ध मौत हुई है लेकिन उन मामलों को प्रशासन ने रफा दफा कर दिया। अब देखना ये होगा कि क्या दलित होने के कारण डॉक्टर भववपूरानी को भी न्याय नहीं मिलेगा। Top 5 Dalit News
मजदूरी मांगने पर दलित युवक को मिली मौत, हत्या में नेता का बेटा शामिल
उत्तर प्रदेश दलितों के लिए नरक बनता जा रहा है। यूपी के देवरिया से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है जहां एक दलित मजदूर को पीट पीट कर इस लिए मार दिया गया क्योंकि पहला उसने अपनी मजदूरी मांग ली थी और दूसरा वो दलित समाज से था। ये मामला है सदर कोतवाली के शकरपारा गांव का। मरने वाले दलित का नाम परमहंस है जिनकी उम्र 45 वर्ष है। खबरों की माने तो परमहंस की हत्या में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष व्यास यादव का बेटे सचिन यादव, अमरेंद्र यादव और उनका पूरा परिवार भी शामिल है। मृतक के परिवार ने बताया कि परमहंस देर शाम मजदूरी लेने गए थे लेकिन उन्हें जातिसूचक गालियां देकर भगा दिया गया। दबंगों का दिल इतने से भी नहीं भरा तो वो दलित युवक को जबरन घर से ले गए। मृतक की बेटी के अनुसार उसके पिता को बड़ी बेरहमी से पीटा गया था जिससे उनकी जान चली गई और उनकी लाश को वो नहर के किनारे फेंक कर फरार हो गए। दलित परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वो मामले को रफा दफा कर दे। लेकिन इस हत्या से गांव के लोगों में काफी गुस्सा है वो हर हाल में आरोपियों की गिरफ्तारी चाहते है।Top 5 Dalit News
जेसीबी से सड़क खोदने के खिलाफ दलित महिलाएं उतरी सड़क पर
ऐसा लगता है कि अब पुरुषों की बागडोर महिलाओं ने ले ली है। ये मामला है बिहार के छपरा के एकमा का। जहां ठाकुरों की दादागिरी के खिलाफ दलित महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। दरअसल एकमा के भरहोपुर मठिया में एक दलित बस्ती में ठाकुरों ने जेसीबी से सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे खोद दिए है, जिससे दलितों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मामले में कई बार पंचायत से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हई जिसके बाद सैकड़ों दलित समुदाय के महिला – पुरुषों ने सीओ राहुल शंकर के सामने इस मामले में उनकी मदद करने की गुहार लगाई और ज्ञापन सौंपा। सीओ ने मामले की जांच करके सड़क को ठीक कराने का आश्वासन दिया है। काफी लंबे समय से इस समस्या को झेलने के बाद आखिरकार महिलाओं की बहादुरी काम आई..अब देखना ये है कि महिलाओं के इस कदम से दलितों की बस्ती को कितना फायदा होता है।
मस्जिद के सामने दलित की बारात निकालने पर हंगामा
अब तक ठाकुरों की बस्ती से अगर दलितों की बारात निकलती तो ठाकुर उन्हें प्रताड़ित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते, लेकिन दलितों को प्रताड़ित करने की लिस्ट में गैर हिंदू अल्पसंख्यक भी शामिल हो गए है। जी हां, यूपी के सहारनपुर देवबंद क्षेत्र के गांव गढ़ी इस्सरपुर में एक दलित परिवार को मस्जिद के सामने से बारात निकालना काफी भारी पड़ा। जहां मस्दिज के सामने से बारात निकालने के कारण मस्जिद में मौजूद 5 लोगो ने बारात के साथ गाली गलौच कर दी, क्योंकि वो चाहते थे कि बारात में डीजे न बजाया जाये। मुस्लिम समाज वालों का कहना था कि वो नमाज का टाइम है तो वो डीजे बंद कर दें, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर कहा सुनी हुई और ये कहासुनी मारपीट में बदल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मुस्लिम समाज के 5 युवकों को गिरफ्तार कर लिया और 12 के खिलाफ लिए केस दर्ज किया है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर अब तक ठाकुरों का दंभ सहते थे लेकिन अब तो इस्लामिक कट्टरपंथियों ने भी दलितों के खिलाफ अपने पैर पसारने शुरू कर दिये है। ऐसे में क्या दलितों के लिए न्याय की मांग की जा सकती है।
अवैध संबंधों के कारण मां-बेटी ने की पिता की हत्या
अगली खबर एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के मेरठ से है। जहां सोनम नाम की एक लड़की ने अपने दलित प्रेमी विपिन से शादी करने के लिए अपने पिता सुभाष उपाध्याय की हत्या करवा दी। हैरानी की बात है कि इस मामले में सोनम की मां कविता ने भी अपने पति की हत्या में उसका साथ दिया। सोनम कनोहर लाल पीजी कॉलेज BA फाइनल ईयर में पढ़ती है। तो वहीं उसका प्रेमी उसके कॉलेज के सामने एक दूध की दुकान पर काम करता था, सोनम के पिता को जब इसकी खबर लगी तो वो एक छोटी जाति के लड़के के साथ अपनी बेटी की शादी के लिए राजी नहीं हुआ, क्योंकि सोनम की बड़ी बहन डॉली ने मार्च 2025 में एक दलित टेंपू चलाने वाले से शादी कर ली थी, लेकिन उसके पिता ने उससे सारे रिश्ते तोड़ लिए थे। तो वहीं सोनम की मां का भी एक मुस्लिम युवक असगर के साथ अफेयर था जिसके कारण दोनो ने सुभाष उपाध्याय को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इस मामले में विपिन और असगर ने भी सोनम और कविता की मदद की। लेकिन ये ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सका। फिलहाल ये आरोपी पुलिस के शिकंजे में है। देखना ये होगा कि इस कलयुगी मां बेटी का अंजाम क्या होता है।



