Udit Raj attack on Central government: हाल ही में एक खबर सामने आई है जहाँ मौलाना अरशद मदनी (Maulana Arshad Madani) ने बीजेपी (BJP) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को सरकार सभी बड़े पदो से दूर कर रही है। वही कांग्रेस के दलित लीडर उदित राज ने अरशद मदनी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह मुद्दा सिर्फ मुसलमानों का नहीं है, बल्कि दलितों और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को भी उच्च पदों, जैसे कि विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर, पर नियुक्ति नहीं मिल रही है।
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उदित राज ने केंद्र सरकार पर किया तीखा प्रहार
अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि दलित और मुस्लिम समुदायों पर अत्याचार हो रहा है या उन्हें समाज में बराबर अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ देते हैं। वही हाल में दलितों के साथ होने वाले अत्याचारों और उनके हकों को योजनाबद्ध तरीके से छीनने को लेकर कांग्रेस उदित राज (Congress Udit Raj) ने केंद्र सरकार (Central government) पर तीखा प्रहार कर दिया है।
अभी हाल ही में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सिविल जज की भर्ती में दलितो के साथ हुए अन्नाय के खिलाफ हुई बड़ी साजिश का पर्दाफाश होने का बाद कांग्रेस नेता ने कहा कि जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी का दिया गया बयान जिसमें उन्होंने कहा कि मुसलमानों को सरकार सभी बड़े पदो से दूर कर रही है।
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अरशद मदनी का समर्थन
उसका समर्थन करने हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि दलित और ओबीसी समुदाय (Dalit & OBC community) के लोगो के साथ भी बीजेपी यहीं तरीका अपना रही है। उन्होंने खुलासा किया कि देश के 48 केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) में एक भी दलित या ओबीसी कुलपति नहीं है और वहीं 159 शीर्ष संस्थानों में भी दलित और ओबीसी कुलपति न के बराबर है। उन्होंने बीजेपी (BJP) के साथ साथ आरएसएस (RSS) को भी घेरते हुए कहा कि आरएसएस की मनुवादी विचारधारा ऐसी है कि वो एक विशेष समुदाय को ही बढ़ावा दे रहे है।
वहीं लैटरल एंट्री IAS भर्ती में भी एक भी पद पर कोई दलित और पिछड़े वर्ग का प्रतिभागी नियुक्त नहीं किया गया, क्योंकि बीजेपी किसी भी हाल में दलितों को आगे बढ़ते हुए और बड़े पदों पर आसीत होते नहीं देख सकती है। सरकारी नियुक्ति में जानबूझ कर दलितों पिछड़ो को नजरअंदाज किया जा रहा है। जो दलितों के साथ बहुत बड़ी साजिश का संकेत है।



