Unnao news: घर में भी सुक्षित नहीं UP की दलित बेटियां, 16 साल की किशोरी को बनाया अपनी हवस का शिकार

Dalit girl rape, Uttar Pradesh Crime
Source: Google

Unnao news: कहते है जब से योगी जी के हाथों में उत्तर प्रदेश की भागदौड़ आई है माफिया हो या कोई छोटा- मोटा गुंडा मवाली, सब थर-थर कापते है। और महिलाओं को समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार और प्रतिष्ठा दिलाने के लिए महिला सशक्तिकरण की योजना भी चलाई। यहां तक कि योगी जी ने भी कहा था अगर कोई भी महिलाओं के साथ छेड़- छाड़ करता है तो ये ध्यान रखें कि अगले चौराहे पर यमराज बैठा है। इसके बावजूद भी उत्तर प्रदेश से इंसानियत तो शर्मसार कर देने वाली खबरें आए दिन आती रहती है।

क्या ये ही बुलडोजर बाबा का डर, जो सिर्फ माफियो तक सिमित है और क्या सीएम योगी के राज में लड़किया अपने घर में भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे मामलों की आए दिन खबर सुनकर तो ऐसा लगता है कि बाबा से मनचले नहीं डरते। आखिर ऐसे सवाल क्यों उठ रहे है तो चलिए इस खबर के जरिए हम जानते है कि किस वारदात को लेकर माहौल गर्म है।

जानें क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव से अचलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 साल की दलित किशोरी के साथ घर में घुसकर बलात्कार का मामला सामने आया है। पीड़िता दर्द से तड़प रही थी और उसने अपने पिता को फोन करके पूरी घटना बता दी। पिता विदेश में काम करते हैं। वे तुरंत घर लौटे और बेटी को लेकर थाने पहुंचे, जहां शिकायत दर्ज कराई गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि पीड़िता अपने दादा-दादी के साथ रहती है। 25 जनवरी को दादा सब्जी बेचने बाजार गए थे और दादी खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान गांव जालिमखेड़ा निवासी 18 वर्षीय सचिन पुत्र रामभरोसे लोध घर में घुस आया। उसने किशोरी को मार-पीटकर उसके साथ दुष्कर्म किया, उसके बाद आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और चुप रहने के लिए कहा।

पीड़िता ने बताई आपबीती

जिसके बाद पीड़िता डर गई। डर और दर्द के कारण पीड़िता कुछ दिन चुप रही, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसने तीसरे दिन पिता को फोन किया, और अपने साथ हुई सारी आपबीती पिता को बता दी। जिसके बाद पिता गुरुवार को वापस आ गए और बेटी के साथ थाने गए। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज किया, पीड़िता का मेडिकल कराया और शुक्रवार सुबह आरोपी को आजाद मार्ग चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। बता दें कि दलित लड़की के साथ दुष्कर्म का ये पहला मामला नहीं हैं। आए दिन लड़कियां ऐसे घिनौने मनसुबों का शिकार होती रहती है। कई मामले तो ऐसे होते है जो उजागर तक नहीं होते।

NCRB की रिपोर्ट

वहीं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के रिपोर्ट की बात करें तो उसके मुताबिक बताया जा रहा है कि भारत में हर दिन औसतन 10 दलित महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं दर्ज हो रही हैं। यह आंकड़ा देश में महिलाओं और विशेषकर दलित समुदाय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *