भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 153: शांतिपूर्ण विदेशी राज्यों के विरुद्ध युद्ध छेड़ने पर दंड

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BNS Section 153 in Hindi: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153 भारत में इंटरनेशनल शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। यह मुख्य रूप से उन काम से संबंधित है जो भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध रखने वाले किसी विदेशी राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना, युद्ध छेड़ने का प्रयास करना या युद्ध छेड़ने में सहायता करना या उकसाना मानते हैं। तो चलिए जानते  हैं ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस में व्यभिचार के बारे में क्या कहा गया है।

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धारा 153 क्या कहती है? BNS Section 153 in Hindi

BNS की धारा 153 उन कार्यों को दंडित करती है जो भारत के मित्र विदेशी राज्यों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों को खतरे में डालते हैं, चाहे वह सीधे युद्ध छेड़ने, प्रयास करने या दुष्प्रेरण करने के माध्यम से हो। इसका उद्देश्य भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की नीतियों को बनाए रखना है।

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153 भारत सरकार के साथ शांतिपूर्ण संबंधों वाले किसी विदेशी राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना – इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति किसी विदेशी सरकार के खिलाफ संगठित हिंसा करता है जो भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध रखती है।
  • युद्ध छेड़ने का प्रयास – अगर कोई व्यक्ति युद्ध छेड़ने का असफल प्रयास भी करता है, तो उसे दंडित किया जाएगा। इसमें युद्ध की योजना बनाने या इसके लिए संसाधन जुटाने जैसे तैयारी संबंधी कार्य भी शामिल हैं।
  • ऐसे युद्ध को छेड़ने में मदद करना – इसमें किसी विदेशी राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने में दूसरों की सहायता करना, प्रोत्साहित करना या सहयोग करना शामिल है। यह धन, खुफिया जानकारी, हथियार या नैतिक समर्थन प्रदान करके किया जा सकता है।

बीएनएस धारा 153 की मुख्य बातें

इस धारा का मुख्य उद्देश्य भारत की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को अनधिकृत आक्रामक कृत्यों से बचाना है। मित्र देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है।
कम गंभीर मामलों में, जैसे कि असफल प्रयास या किसी साजिश में सीमित भागीदारी, दंड सात साल तक की कैद हो सकता है।

अपराध की प्रकृति – यह एक गंभीर अपराध है, क्योंकि इससे अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और शांति को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। यदि अभियुक्त युद्ध छेड़ने के इरादे की अनुपस्थिति को साबित कर सकता है (उदाहरण के लिए, यदि उसे मजबूर किया गया था या गुमराह किया गया था), तो उसे गंभीर दंड से बचाया जा सकता है।

वही युद्ध छेड़ने के स्पष्ट इरादे के बिना, केवल संदेह या संबंधित तैयारी के कृत्यों को अपराध नहीं माना जा सकता है।
साइबर युद्ध यदि कोई व्यक्ति किसी मित्र विदेशी राज्य की सरकारी प्रणाली को हैक करता है या उसके खिलाफ साइबर हमला करता है, तो इसे युद्ध का कार्य माना जा सकता है और यह बीएनएस की धारा 153 के अंतर्गत आ सकता है।

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बीएनएस धारा 153 उदाहरण – BNS Section 153 Example

बीएनएस (BNS) धारा 153 उदाहरण कुछ इस तरह से है कि…उदाहरण 1 –एक समूह भारत के साथ मिलकर पड़ोसी देश पर हमला करने की योजना बनाता है। वे हथियार इकट्ठा करते हैं, सैनिकों को ट्रेनिंग देते हैं और हमलों के लिए मास्टर प्लान तैयार करते हैं। हालाँकि वे वास्तव में हमला नहीं कर सकते, लेकिन उन पर युद्ध छेड़ने के प्रयास के लिए BNS की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

वही अगर कोई व्यक्ति किसी विदेशी सरकार के नेटवर्क पर साइबर क्राइम (Cyber Crime) करने की योजना बना रहा है, जिसका उद्देश्य उसके कामकाज को बाधित करना है, और यह विदेशी राज्य भारत के साथ शांति से रह रहा है। यह भी धारा 153 के अंतर्गत आ सकता है।

इसके अलवा आपको बता दें कि धारा 153 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है कि इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति सीधे तौर पर युद्ध छेड़ता है, तो उसे आजीवन कारावास की सजा हो सकती है, जिसके साथ जुर्माना भी जोड़ा जा सकता है।

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