क्या कहती है BNS की धारा 231, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

BNS Section 231, BNS Section 231 in Hindi
Source: Google

BNS Section 231 in Hindi: भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 231 “आजीवन कारावास या कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्धि कराने के इरादे से झूठा साक्ष्य देना या गढ़ना।” तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (Bhaarateey dand sanhita) में व्यभिचार के बारे में क्या कहा गया है।

Also Read: क्या कहती है BNS की धारा 227, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

धारा 231 क्या कहती है? BNS Section 231 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस की धारा 231 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 231 यह धारा ऐसे कृत्यों को अपराध बनाती है जिसमें कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को आजीवन कारावास या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराने के इरादे से झूठा साक्ष्य देता है या गढ़ता है।

बीएनएस धारा 231 की महतवपूर्ण बातें 

  • कोई भी व्यक्ति जो जानबूझकर झूठा सबूत दिखता है या देता है या झूठी कहानी गढ़ता है, जिसका उद्देश्य किसी अन्य व्यक्ति को मौजूदा कानून के तहत आजीवन कारावास या मृत्युदंड से दंडनीय अपराध में फंसाना है।
  • इसमें झूठे बयान देना, झूठी गवाही देना, या ऐसी परिस्थितियां गढ़ना शामिल है जो न्यायिक कार्यवाही में झूठे साक्ष्य का कारण बन सकती हैं।
  • यह धारा न्याय प्रशासन में झूठे साक्ष्य के खतरों को स्वीकार करती है और इसे एक गंभीर अपराध मानती है। अपराधी का इरादा किसी व्यक्ति को आजीवन कारावास या साधारण कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराना होना चाहिए।

Also Read: क्या कहती है BNS की धारा 226, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

बीएनएस धारा 231 की और सजा

इसके अलवा आपको बता दें कि BNS  की धारा (Section) 231 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है कि, दोषी व्यक्ति को सात वर्ष तक के कारावास और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, आरोपी को पचास हजार रुपये तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। वही यदि झूठे साक्ष्य के कारण निर्दोष व्यक्ति को फाँसी दी जाती है, तो इसके परिणामस्वरूप दंड और भी अधिक गंभीर हो जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *