क्या कहती है BNS की धारा 245, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

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BNS Section 245 in Hindi: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 245 मुख्य रूप से लोक न्याय के विरुद्ध अपराधों (crimes against public justice) से संबंधित है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (Bhaarateey Nyaay Sanhita) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

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धारा 245 क्या कहती है? BNS Section 245 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस की धारा 245 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 245 जो यदि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ मुकदमे में उस व्यक्ति को देय राशि से अधिक या ऐसी राशि के लिए जिसे वह किसी भी स्थिति में नहीं प्राप्त कर सकता, किसी संपत्ति या द्वार में अधिकार के लिए धोखाधड़ी से कोई आदेश या निर्णय हासिल करता है, तो वह आरोपी होगा।

उदाहरण के लिए मान लीजिये जब कोई व्यक्ति जानबूझकर अपने असली लेनदारों को धोखे में डालने के लिए किसी मित्र या परिचित के खिलाफ झूठा मुकदमा दायर करता है। इस मुकदमे में, वह जानबूझकर एक गलत राशि के लिए न्यायालय से आदेश (डिक्री) हासिल करता है, जो वास्तव में उस पर बकाया नहीं होती। इस तरह से, वह एक झूठी कानूनी जिम्मेदारी का निर्माण करता है, यह दिखाते हुए कि उसकी संपत्ति अब किसी और के पास स्थानांतरित हो गई है। इसका परिणाम यह होता है कि वास्तविक लेनदारों को अपनी बकाया राशि प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

बीएनएस धारा 245 की महतवपूर्ण बातें 

  • यह धारा उस व्यक्ति को दण्डित करती है जो जानबूझकर धोखाधड़ी करता है ताकि उसके विरुद्ध ऐसा आदेश पारित हो जो उस पर लागू नहीं होता।
  • इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 2 साल की सजा होती हैं।

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बीएनएस धारा 245 की और सजा

इसके अलवा आपको बता दें कि BNS  की धारा (Section) 245 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है कि, दोषी व्यक्ति को निम्नलिखित सजा दी जा सकती है…. वही किसी भी प्रकार की अवधि के लिए जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उसे  पाँच हजार रुपये तक का जुर्माना। इसके अलवा कारावास (Imprisonment)) और जुर्माना (Fine Charges) दोनों हो सकते हैं।

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