268 BNS in Hindi – भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 268 मुख्य रूप से ‘मूल्यांकक का प्रतिरूपण’ (Personation of an assessor) नामक अपराध से संबंधित है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 268 क्या कहती है? BNS Section 268 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 268 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 268 उस व्यक्ति को सज़ा देता है जो जानबूझकर किसी दूसरे व्यक्ति को, नकली पहचान बनाकर या किसी और तरीके से, किसी भी मामले में असेसर के तौर पर चुनता है, लिस्ट करता है, या शपथ दिलाता है, जब…वह जानता है कि उसे कानून असेसर के तौर पर काम करने का अधिकार नहीं देता है। वह अपनी मर्ज़ी से असेसर के तौर पर काम करता है, भले ही उसे पता हो कि उसे कानून के खिलाफ चुना गया है।
BNS 268 Important Points
- इस सेक्शन का मुख्य मकसद न्यायिक प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना है, ताकि यह पक्का हो सके कि न्यायिक फैसलों में सिर्फ़ योग्य लोग ही योगदान दें।
- For example: जो व्यक्ति अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड की वजह से असेसर बनने के लायक नहीं है, लेकिन नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके इस पोस्ट पर अपॉइंट हो जाता है, उसे इस सेक्शन के तहत सज़ा दी जाएगी।
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बीएनएस धारा 268 की और सजा
इसके अतिरिक्त, बीएनएस (BNS) की धारा 268 के तहत, यदि किसी व्यक्ति को दोषी (Guilty) ठहराया जाता है, तो उसके लिए सजा निर्धारित की गई है। वही दोषी पाए जाने पर आरोपी को इस धारा के तहत आरोपी को 2 साल की सजा और जुर्माना (Fine) हैं। जिसे पांच हजार रुपये तक या दोनों के साथ बढ़ाया जा सकता है। वही जमानत मिलना आसान नहीं होता, यह अदालत के विवेक पर निर्भर करता है। आपको बता दें, इस धारा के तहत पुलिस बिना वारंट के किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। दूसरी और ये अपराध यह अपराध जमानती (Bailable) है।



