280 BNS in Hindi: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 280 सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। यह धारा उसे सजा देती हैं जो जानबूझकर वातावरण को दूषित करता हैं। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 280 क्या कहती है? BNS Section 280 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 280 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 280…इस तरह से हैं कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से किसी स्थान के माहौल को इस प्रकार बिगाड़ता है या प्रदूषित (Polluted) करता है कि वहां रहने वाले, व्यवसाय करने वाले या सार्वजनिक रास्ते से गुजरने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए यह हानिकारक बन जाता है।
BNS 280 Important Points
- इस धारा का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा करना और नागरिकों को ज़्यादा ज़िम्मेदार बनाना।
- भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत धारा 278 में दिए गए प्रावधान के अनुसार, BNS में जुर्माने की राशि को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया है।
बीएनएस धारा 280 का उदहारण
- For Example: यदि कोई रिहायशी इलाकों में खुले में ज़हरीला कचरा या प्लास्टिक जलाता है, जिससे ऐसा धुआँ निकलता है जो लोगों को बीमार कर सकता है। या उससे आम जनता को साँस संबधित बीमारी होती हैं तो ऐसा करने पर आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है।
- इसके अलवा आपको बता दें, बिना फिल्टर या सुरक्षा मानकों के गैसें छोड़ना, जिससे सांस की समस्या हो सकती है। तब भी यह आरोपी के खिलाफ ये धारा लागु हो सकती है।
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बीएनएस धारा 280 की और सजा
इसके अतिरिक्त, बीएनएस (BNS) की धारा 280 के तहत, यदि किसी व्यक्ति को दोषी (Guilty) ठहराया जाता है, तो उसके लिए सजा निर्धारित की गई है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति लापरवाही से ऐसा कुछ करता है जिससे बीमारी फैलने की संभावना हो। इस सेक्शन के तहत, अपराधी को 1000 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता हैं। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है।



