296 BNS in Hindi: ज़रा सोचिए कि अगर कोई सार्वजनिक जगह पर अश्लील गाने बजा रहा हो या गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहा हो, तो उसे क्या सज़ा मिलेगी। तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 लागू होती है। जिसका मकसद सार्वजनिक शालीनता और व्यवस्था बनाए रखना है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 296 क्या कहती है? BNS Section 296 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 293 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296… धारा 296 ये सुनिश्चित करती है कि यदि कोई सार्वजनिक जगह पर कोई भी अश्लील काम करना, या अश्लील गाने, लोकगीत या ऐसे शब्द गाना/बोलना जिससे दूसरों को परेशानी हो।
BNS 296 Important Points
- आपको बता दें, यह सेक्शन असल में IPC के सेक्शन 294 का एक बदला हुआ रूप है, जो अब bns की धारा 296, जिसमें सज़ा या शब्दों के मामले में लगभग कोई फ़र्क नहीं है।
- इस सेक्शन का मुख्य मकसद सार्वजनिक नैतिकता, शालीनता और व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि लोगों को आपत्तिजनक व्यवहार से बचाया जा सके।
बीएनएस धारा 296 का उदहारण
For Example: उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति किसी पब्लिक जगह पर जाता है जहाँ दूसरे लोग मौजूद हैं और ऐसा व्यवहार करता है जिससे दूसरों की शांति भंग होती है, या अश्लील कंटेंट दिखाता है या ऐसी अश्लील भाषा का इस्तेमाल करता है जो उसे नहीं करनी चाहिए, तो कानून की यह धारा आरोपी पर लागू होती है।
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बीएनएस धारा 296 की और सजा
इसके अतिरिक्त, बीएनएस (BNS) की धारा 296 के तहत, यदि किसी व्यक्ति को दोषी (Guilty) ठहराया जाता है, तो उसके लिए सजा निर्धारित की गई है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति लापरवाही से ऐसा कुछ करता है जिससे बीमारी फैलने, या चोट लगाने की संभावना हो। इस सेक्शन के तहत अपराधी को साधारण दंड और 3 महीने की सजा के ₹1,000 जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है।



