BNS Section 310: अब डकैती के कानून में हुआ बदलाव, जानें क्या हैं नए प्रावधान

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310 BNS in Hindi: हम कितनी बार ऐसी खबरें सुनते हैं और अपने आस-पास के इलाकों में भी देखते हैं कि किसी मॉल से लाखों रुपये चोरी हो गए या किसी बैंक को लुटेरों ने घेर लिया और करोड़ों का सामान चोरी हो गया।  तो ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

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धारा 310 क्या कहती है? BNS Section 310 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 310 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 310 मुख्य रूप से उस पर लागू होती है जब 5 से अधिक लोग किसी जगह पर चोरी लूटपाट करते है या लूटपाट के चक्कर में किसी की हत्या कर देते है।

BNS 310 Important Points

  • रॉबरी के दौरान मर्डर सेक्शन 310 (3) अगर रॉबरी के दौरान ग्रुप के सदस्य मर्डर करते हैं, तो ग्रुप के हर सदस्य को मौत, उम्रकैद, या कम से कम 10 साल की जेल हो सकती है।
  • वही सेक्शन 310(4) रॉबरी की तैयारी करने पर 10 साल तक की कैद और रॉबरी के लिए इकट्ठा होने पर 7 साल तक की कैद हो सकती है।

बीएनएस धारा 310 का उदहारण 

For Example: मान लीजिए आपके आस-पास कोई बैंक है और लुटेरों ने उसे लूट लिया है, लेकिन चोरी और स्नैचिंग के चक्कर में वे किसी का मर्डर भी कर देते हैं, तो यह सेक्शन क्रिमिनल के खिलाफ लागू होता है।

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बीएनएस धारा 310 की और सजा

इसके अलावा, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (BNS) का सेक्शन 310 चोरी के दोषी व्यक्ति के लिए सज़ा तय करता है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति चोरी करने के इरादे से किसी दूसरे व्यक्ति को लूटता है या चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देता है। तो इस सेक्शन के तहत अपराधी को साधारण दंड और 10 साल की सजा के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं।

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