Top 5 Dalit news: अगर दलित और पिछड़े लोग सही मायने में एकजुट हो जाते है तो वो दिन दूर नहीं जब किसी भी जातिवादी को दलितों पर हाथ उटाना तो दूर उनके ऊपर आंख उठाने की भी हिम्मत न हो, लेकिन दुख तो केवल इसी बात का है कि जातिवाद के नाम पर दलितों को भी अलग अलग बांट दिया है, जबकि मनुवादियो के लिए तो ये सभी शूद्र और पिछड़े ही है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
भीम आर्मी चीफ की बाराबंकी में हुंकार
1, दलितों से जुड़ा पहला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने तमाम धमकियों के बाद भी 15 मार्च को दलित नेता कांशीराम की जयंति और आजाद समाज पार्टी की स्थापना दिवस पर बाराबंकी में भव्य कार्यक्रम किया। आजाद ने इस क्रार्यकम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की उस सलाह का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने उनके साथ के साथ रावण नहीं विदुर लगाने की सलाह दी है। आजाद ने सीधे तौर पर कहा कि उनकी लड़ाई कमजोर औऱ पिछड़ो के लिए न्याय के लिए है।
उन्होंने कहा कि उनमें और विदुर में बहुत फर्क है क्योंकि वो अगर महाभारत में होते, बाबा साहब का अनुयायी होता तो वो विदुर की तरह मूक दर्शक बन कर द्रौपदी का चीरहरण देखने के बजाये दुर्योधर और दुष्शासन की टांग पर टांग कर चीर देता लेकिन द्रौपदी का चीरहरण नहीं होने देते। बता दें कि करणी सेना के लोग लगातार बाबा साहब के कार्यक्रम को लेकर धमकियां दे रहे थे कि वो किसी भी हाल में प्रोग्राम नहीं होने देंगे, लेकिन वहां आजाद आये भी और उन्होंने हिंदूवादी विचारधारा पर करारा तमाचा भी जड़ा, जो कमजोर और पिछड़ो को शोषण करने की सीख देता है। आजाद की हुंकार ने बता दिया है कि अब दलित कमजोर नहीं है…मौका आने पर वो भी प्रतिद्वंदियों के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार है।
बिहार के सारण में राजपूत लड़की की हत्या का मामला बदला
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के सारण से है, जहां एक नाबालिक राजपूत लड़की के साथ 5 दलित लड़को द्वारा गैंगरेप करने और उसे कुंए में फेंक कर उसकी हत्या करने का मामला काफी सुर्खियों में है, दलित समाज को काफी घेरा जा रहा है, लेकिन अब इस घटना के एक चश्मदीद की गवाही के बाद इस मामले का रूख ही बदल गया है। लड़की के पड़ोस में रहने वाली महिला ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि लड़की की हत्या दलितों ने नहीं बल्कि खुद उसके परिवार वालों ने की है, क्योंकि उसका मांझी जाति के एक लड़के से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे घरवालों ने पकड़ लिया था।
चश्मदीद महिला ने बताया कि मृतका की मां ने खुद पूछा था कि लड़की कहां है जिसके बाद चश्मदीद ने बताया था कि वो पूराने टूटे हुए मकान में कमल मांझी के बेटे से मिलने गई है, जहां लड़की का पूरा परिवार पहुंच गया था, उन लोगो ने लड़के को बुरी तरह से पीटा था, लेकिन वो किसी तरह से भाग निकला था, वहीं उसके कुछ वक्त के बाद लड़की का शव कुंए में मिला।
दलित संगठनों ने मांग की है कि पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर के सच्चाई को सामने लाना चाहिए, साथ ही दलित लड़के की हत्या करने की कोशिश और उसकी प्रेमिका की हत्या करने के एंगल से भी जांच करनी चाहिए. एकतरफ जातिवादियों के दवाब में आकर फैसला करना पूरी तरह से दलितों पर अन्याय है। इस नए एंगल के सामने आने के बाद इस पूरे मामले का रूख बदल गया है अब देखना ये होगा कि पुलिस इन मामले में क्या करती है।
कर्नाटक में दलितों के बाट काटने को लेकर अभियान
3, दलितो से जुड़ा अगला मामला कर्नाटक के हुबाली से है, जहां एक तरफ दलितों के बाल काटने को लेकर नाई समाज में भेदभाव देखने को मिलता रहता है वहीं दूसरी तरफ अखिल कर्नाटक श्री शिवशरण हडपद अप्पन्ना समाज सेवा संघ ने दलितो के न्याय और सामाजिक बराबरी के लिए ‘क्षौरिकरा नडे दलितरा केरिया कडे’ यानि कि नाइयों का दलित बस्तियों की ओर कदम अभियान शुरु करते हुए एकजुट होना शुरु कर दिया है। इस अभियान के तहत संघ सभी नाईयो को इस बात के लिए जागरूक करेंगे कि वो बाल काटते वक्त जातिगत भेदभाव न करें। इसके लिए संघ ने अभी तक सैक़ड़ो नाईयो को इकट्ठा करके दो सफल कार्यक्रम किये है, जो आगे भी जारी है।
इस जागरूकता अभियान के दौरान संघ उन्हें ये भी बताता है कि कैसे भेदभाव एक कानूनी अपराध है, और सामाजिक न्याय ही विकास की मांग है। संघ ने कहा कि वो जागरूकता अभियान पूरे राज्य में कर रहे है, और अब उंची जाति के लोग भी इस अभियान से जुड़ रहे है, जो कार्यक्रम की सफलता दर्शाता है। अगर वाकई में इस तरह का अभियान हर राज्य में हो तो दलितो के साथ जातिगत भेदभाव जल्द खत्म हो जायेगा, आपकी इस पर क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।
मोबाइल चलाने पर दलित युवक को पीटा
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के छत्तरपुर से है, जहां एक दलित लड़के को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने को लेकर जातिवादि दबंगो ने न केवल उसे जातिसूचक गालियां दी बल्कि उसे बुरी तरह से पीटा भी। ये मामला छत्तरपुर के सिविल लाइंस पुलिस थाना क्षेत्र के महाराजगंज गांव का है, पीड़ित वीरेंद्र अहिरवार ने पुलिस को तहरीर दी कि देर रात जब वो गांव के ही किराना दुकान पर सामान लेने गया था, तो भीड़ के कारण वो पास में खड़े होकर मोबाइल चलाने लगा, लेकिन तीन आरोपी भरत लाल पटेल, जी लाल पटेल और एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे उल्चा सीधा बोलना शुरु कर दिया। वो विरेंद्र के मोबाइल चलाने को लेकर तंज कस रहे थे।
जिसका विरोध विरेंद्र ने किया था, लेकिन उन लोगो ने पीड़ित पर जातिसूचक गालियां देते हुए जूतों से हमला कर दिया। बीचबचान करने के लिए जब विरेंद्र का परिवार आया तो उनके साथ भी मारपीट की गई.. जिससे सभी घायल हो गए है। सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज तो किया गया है लेकिन पीड़ितों का कहना है कि मामला सही धाराओ में दर्ज नहीं किया गया है, पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। वहीं पुलिस मे बताया कि मामला दर्ज कर के आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल सभी आरोपी फरार चल रहे है। अब देखना ये होगा कि पुलिस की भूमिका वाकई में इस मामले में क्या होने वाली है, क्या दलित परिवार को न्याय मिलेगा या फिर मामला रफा दफा कर दिया जायेगा।
यूपी में दलित बुजुर्ग को बनाया जबरन मुर्गा
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले का है, जहां एक दलित बुजुर्ग को जाति का दंभ दिखाने के लिए मुर्गा बनाने पर और उनके साथ जातिगत गालीगलौच करने का मामला सामने आया है। ये घटना शाहजहाँपुर के पुवायां थाना क्षेत्र के नाहिल गाँव का है। इस पूरी घटना का एक विडियो भी काफी वायरल हो रहा है। आरोपियों ने पीड़ित को जबरन मुर्गा बनने पर मजबूर किया, पैरों में माथा रगड़वाया, डंडा लेकर उसे पीटने की धमकी देते हुए जातिसूचक गालियां दी, साथ ही ये भी धमकी दी कि अगर किसी ने भी बुजुर्ग या फिर उनके परिवार की मदद करने की कोशिश की तो उसके साथ भी ऐसा ही किया जायेगा.. आखिर ये जंगल राज किसके शय पर है।
ये घटना 7 मार्च की ही है, लेकिन अभी तक न तो मामला दर्ज किया गया और न ही पुलिस ने कोई गिरफ्तारी की है। भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने भी इस मामले में अपना रोष जताते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये है। उन्होंने जल्द से जल्द पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की है साथ ही उनके लिए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। अब देखना ये होगा कि वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस का क्या जवाब होता है।



