Top 5 Dalit news: दलितों की स्थिति पर कितने ही कानूनों का हवाला दे दिया जायें, लेकिन जब तक सत्ता पर ही विकृत मानसिकता के लोग बैठे है, और दलित महिलाओं के उत्पीड़न को धार्मिक आस्था से जोड़ा जायेगा, तब तक न तो दलितों को न्याय मिलेगा, और न ही धर्म कभी न्याय का स्त्रोत होगा। तो चलिए आपको इस लेख में बताते है, पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
विवादित आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा फिर से सुर्खियों में
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश के भोपाल से है, जहां विवादित आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के आरक्षण को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद उनपर हुई कार्यवाही को लेकर अब बहुजन समाज का गुस्सा सड़कों पर नजर आ रहा है। दरअसल भोपाल के भेल दशहरा मैदान में दलित, पिछड़े व आदिवासी समाज ने जन आक्रोश महा आंदोलन शुरू कर दिया है, जो कि संतोष वर्मा के समर्थन में और सरकार की एकतरफा कार्यवाही के खिलाफ किया जा रहा है। दलित समाज ने संतोष वर्मा के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि संतोष वर्मा ने कुछ गलत नहीं कहा था, वो केवल सच्चाई थी, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझ के उनके बयान को गलत तरीके से पेश करके उन्हें केवल निशाना बनाया, क्योंकि वो एक बहुजन समाज से है।
आपको बता दें कि नवंबर में संतोष वर्मा ने कहा था कि आरक्षण तब तक जारी रहेगा जब तक कि ब्राह्मणों की बेटी दलितों के यहां बहु बन के नहीं आती। जिसे लेकर ब्राह्मण समाज ने काफी रोष जताया था जिसके बाद उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया था। हालांकि पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी संतोष वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि हमें ये नहीं देखना चाहिए कि उन्होंने किन शब्दों का इस्तेमाल किया है बल्कि ये देखना चाहिए कि आखिर इस तरह की भावना पिछड़े वर्ग में आई ही क्यों।। जिसका एक ही कारण है उनके साथ होने वाला भेदभाव, कही न कही कमी तो भेदभाव करने वालों में है। गौरतलब है कि संतोष वर्मा के खिलाफ हुई कार्यवाही के खिलाफ बहुजन समाज का आक्रोश बता रहा है कि अब वो अन्याय सहने के मूड में नहीं है। अब देखना ये होगा कि इस आंदोलन के बदले सरकार का क्या रुख होगा।
मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक के बिगड़े बोल
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश से है, जहां सरकार में बैठे लोगों की दलितों और आदिवासी महिलाओं को लेकर क्या विकृत मानसिकता है उसका उजागर हो रहा है। ताजा मामला कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरिया को लेकर है, जिन्होंने महिलाओं के दुष्कर्म को सही बताया। कांग्रेस विधायक ने सीधे तौर पर कहा कि दलित और आदिवासी समाज से आने वाली जाति जिसमें चमार, धोबी और कंजरी जाति की महिलाओं के साथ समागम से तीर्थों का फल मिलेगा, तो फिर भला रेप कैसे बंद हो सकता है। फूल सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि खूबसूरत महिलाओं को देख कर अच्छा दिमाग भी खराब हो सकता है।
उन्होंने ये तक कहा कि एससीएसटी और आदिवासी समाज की खूबसूरत महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने की इजाजत तो उनके धर्म ग्रंथों में दी गई है। हैरानी की बात है कि दलितों और आदिवासी समाज की महिलाओं के साथ होने वाले घिनौने अपराध को धर्म से जोड़कर अपना बचाव करने की कोशिश करने वाले फूल सिंह जैसे नेता सत्ता में बैठे हुए है। जबकि ऐसे लोगों की जगह तो सीधे जेल में है। आपकी इस पर क्या राय है। क्या फूल सिंह के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए। हमें अपनी राय कमेंट करके बताए।
उधार के पैसे मांगने पर मिली तुगलकी सजा
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से है, जहां एक दलित युवक को अपने उधार के पैसे मांगने पर पैसे के बजाय मिली जिल्लत। जी हां ये सनसनीखेज मामला है नवाबगंज थाने के गेलाटांडा गांव का है। पीड़ित पप्पू दिवाकर ने पुलिस को तहरीर दी कि वो बहेड़ी थाना क्षेत्र के गुस्सौली गांव का रहने वाला है लेकिन काम के सिलसिले में वो गेलाटांडा गांव के पूर्व प्रधान चंद्रसेन के यहां पिछले 3 महीने से रह रहा था। दोनों की अच्छी जान पहचान थी, इसलिए पीड़ित ने ट्रैक्टर खरीदने के लिए चंद्रसेन को साढ़े चार लाख रूपये दिए थे।
लेकिन करीब एक महीने पहले जब उसने अपने उधार के पैसे मांगे तो पूर्व प्रधान, उसके बेटे, और उसके साथ कई अज्ञात लोगों ने पहले उसे जातिसूचक गालियां दी, उसके साथ मारपीट की, उसका सिर और मूंछें मुड़वा दी और उसके मुंह पर कालिख पोत कर उसे गांव से भगा दिया। जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। करीब एक महीने बाद उसे होश आया और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की तो पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसके आधार पर पुलिस ने अब तक पूर्व प्रधान चंद्रसेन उसके बेटे पप्पू और उसके एक साथी गोधन को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं बाकियों की तलाश जारी है। वहीं एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि पीड़ित की तहरीर और वीडियो के सामने आने के बाद इस मामले की जांच और तेज कर दी गई है जल्द ही बाकी आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
यूपी के संत कबीर नगर में दलित बहनों पर हमला
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर से है, यूपी में दलित महिलाओं की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि यहां दिनदहाड़े दबंग महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते है, और अगर किसी ने विरोध करने की हिम्मत की तो बदले में उस पर जानलेना हमला होता है। ताजा मामला संत कबीर नगर के धनकटा थाना क्षेत्र की है, जहां छेड़छाड़ का विरोध करने पर दो सगी बहनों पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़िता ने आकाश मद्धेशिया के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए बताया कि वो और उसकी बड़ी बहन बाजार जा रहे थे।
लेकिन कुआनो नदी पर दौलतपुर घाट के पास आरोपी ने उसकी बड़ी बहन पर अश्लीश टिप्पणी की, लेकिन जब दोनों बहनों ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने दोनों बहनों पर चाकू से हमला के दिया, जिससे दोनों बहनों को गंभीर चोट आई है, वहीं हमला करने के बाद आरोपी फरार हो गया। धनकटा थाना के सीओ अभय नाथ मिश्रा ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच काफी सख्ती से चल रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा। फिलहाल दोनों पीड़ित बहनों को इलाज के बाद वापिस घर भेज दिया है। हालांकि अभी तक आरोपी का कोई सुराग नहीं है।
सोनभद्र में दलित महिला की संदिग्ध मौत
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से है, जहां एक दलित शादीशुदा महिला की संदिग्ध हालत में मौत होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ये घटना सोनभद्र के विंढमगंज हरनाकछार ग्राम पंचायत के चरकपथली टोला की है। पीड़ित अमरेश पनिका ने पुलिस को तहरीर दी है कि वो काम के सिलसिले में बाहर रहता है, लेकिन दो दिन पहले उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी ललिता देवी की लाश पेड़ से लटकी मिली है, पत्नी की मौत की खबर सुनकर जब वो आया तो उसे अपनी पत्नी के प्रेमी घरभूलन शर्मा उर्फ बबल शर्मा के बारे में पता चला।
पीड़ित ने बताया कि उसने अपने बड़े बेटे से पूछा तो उसने बताया कि महिला की मौत से पहले घरभूलन शर्मा उसके घर आया था, और खाना खाया था, लेकिन इसी बीच ललिता देवी और आरोपी के बीच बहस शुरू हो गई और वो महिला को घसीटते हुए बाहर ले गया, जहां उसने महिला को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पीटा और उसे पेड़ से लटका दिया। प्रभारी थानाध्यक्ष शेष नारायण पांडेय के मुताबिक पीड़ित की तहरीर और मृतका के बेटे के बयान के आधार पर दलित उत्पीड़न और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, मामले की जांच शुरू कर दी है वहीं आरोपी की तलाश में पुलिस कई जगह छापेमारी कर रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा और तभी महिला की हत्या का मामला साफ होगा।



