Top 5 Dalit News: दलितों पर अत्याचार से लेकर आजाद-विनय रतन विवाद तक, 24 घंटे की 5 बड़ी खबरें

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Top 5 Dalit news: जब कोई आगे बढ़ता है, तो उसे पीछे खींचने वाले सारी कोशिशें करते है, लेकिन ये गलती अगर दलति समाज भी करेगा तो शायद वो आने वाली कई सदियों तक भी जातिगत भेदभाव के खिलाफ की लड़ाई लड़ते रहेंगे, लेकिन उन्हें बराबरी कभी नहीं मिलेगी.. बाबा साहब भी कहते थे कि जीत के लिए एकजुट होना जरूरी है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है, साथ ही आईना है कि अगर अब भी दलित एकजुट होने के बजाये बंटते रहें तो वो दबे कुचले ही रहेंगे।

आजाद के दोस्त ही बन रहे है दुश्मन

1, दलितों से जुड़ा पहला भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, एक तरफ जहां वो सत्ता परिवर्तन जैसी यात्रा करके सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे है तो वहीं उनके लिए होने वाली साजिशें भी कम नहीं है। अब तक तो उनकी तथाकथित प्रेमिका ही आरोपी लगाती थी लेकिन अब उनके एक अच्छे दोस्त और भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने भी आजाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए धोखेबाज और दगाबाज कहा है।

विनय रतन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने आजाद के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि आजाद अपनी राजनीतिक विरासत अपने परिवार को सौंपना चाहते है इसलिए उन्हें रास्ते से हटाने के लिए बिजनौर के एक मंच पर सार्वजनिक तौर पर अपमानित करते हुए कहा कि जाओ डूब मरो, मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है.. विनय रतन ने कहा कि वो आजाद के व्यावहार से इतने आहत थे कि उन्हें अब खुदकुशी तक करने की इच्छा हो रही है।

विनय रतन ने सीधा कहा कि भीम आर्मी को खड़ा करने में 70 प्रतिशत हाथ उनका ही है। विनय रतन के इन आरोपो को लेकर अभी तक आजाद ने प्रतक्रिया नहीं दी है लेकिन जरूरत है कि वो यहां तो कुछ बोले, क्योंकि यहां उनके साफ सुथरे राजनीतिक करियर का सवाल है। वैसे भीम आर्मी हो या आसपा, उन्हें खड़ा करने में इतने सालों से हम आजाद की मेहनत देख रहे है ऐसे में ये आरोप कितने सही है और कितने गलत, वो तो आजाद के जवाब के बाद ही पता चलेगा

पंजाब के मुक्तसर में दो दलित युवको के साथ मारपीट

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला पंजाब के मुक्तसर जिले से है, जहां  मोबाइल चोरी करने के केवल शक के आधार पर दो दलित युवको के साथ मानवता की सारी हदें पार करते हुए उन्हें नंगा कर पीटा और फिर रस्सियों से बांध कर जानवरो की तरह जातिसूचक गालियां देते हुए पूरे गांव में घुमाया गया। ये मामला  मुक्तसर जिले के  मलोट तहसील में आने वाले झोरड़ गांव का है, दिल को झकझोर देने वाली इस घटना का एक वीडियो भी काफी तेजी से वायरल रही है। पीड़ित परिवार ने पुलिस को तहरीर दी कि दोनो युवको के साथ गांव में प्रवासी मजदूरों का मोबाईल चोरी करने का आरोप लगा कर ऐसी अमानवता की गई।

अगर ऐसा कुछ शक भी तो उन्हें पुलिस के हवाले कर सकते थे लेकिन गांव वालो ने खुद को ही पुलिस और खुद को ही जज बन कर सजा सुना दी, जबकि सच्चाई ये है कि उनकी जातिवादी गालियां बता रही थी कि केवल छोटी जाति से होने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है। वहीं डीएसपी मलोट जसपाल सिंह ढिल्लों ने बताया कि गांव वालो का कहना है कि नशे के आदी दोनो युवको ने प्रवासी मजदूर का मोबाइल लिया था।

हालांकि पुलिस वालों ने भी पीड़ित परिवार की बात सुनने के बजाय दोनो पीड़ित युवको को ही चोरी का मामला दर्ज कर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है, यानि की न्याय भी अब जाति का मोहताज हो गया है, अगर कोई दलित आरोपी बनाया जाता है तो सबसे पहले पूछताछ उसी से होगी..भले ही वो पीड़ित ही क्यों न हो। अब देखना ये है कि पीड़ित बरी होंगे या आरोपी बनाये जायेंगे। वैसे आपको क्या लगता है।

लखनऊ में दलित इंजीनियरों को बनाया जा रहा निशाना

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से है, जहां अब तक तो केवल शैक्षणिक संस्थाओं में दलित शिक्षको को निशाना बनाने की खबरें आया करती थी लेकिन अब यूपी में दलित और पिछड़े जाति के इंजीनियर को भी टारगेट किया जा रहा है। इस मुद्दे पर लखनऊ की पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने पावर कॉरपोरेशन पर निशाना साधते हुए कहा कि कॉरपोरेशन जानबूझ कर दलित और पिछड़ी जाति के इंजीनियर को चिन्हित कर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, उनका जबरन तबादला किया जा रहा है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन ने उर्जा मंत्री एके शर्मा ने कई दलित और पिछड़े इंजीनियरों के साथ हुए भेदभाव का जिक्र करते हुए कहा कि नेकीराम, मुकेश बाबू, हरिश्वरचंद्र वर्मा, पवन कुमार, और सौरभ प्रजापति ऐसे लोग है जो दलित जाति से आते है, लेकिन केवल उन्हें टारगेट करके जहां नेकीराम को 6 दिन में ट्रांसफर दे दिया गया ताकि उसका प्रोमोशन रुक जाये तो वहीं हरिश्वरचंद्र वर्मा को नियम तोड़ने के लिए निलंबित कर दिया, पवन कुमार, और सौरभ प्रजापति भी निलंबित है.. ये लिस्ट और भी लंबी है। जिसे देखते हुए पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने आवाज उठाई है तो एक जांच कमेंटी बिठाने की मांग की है तो दलित इंजीनियरों के मामले में निष्पक्ष जांच करें..ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सकें।

हरियाणा के भिवानी में जातिवादियों का आतंक

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला  हरियाणा के भिवानी से है, जहां दलित बच्चों के लिए ही पढ़ने के लिए बनाई गई लाइब्रेरी से उन्हें ही दबंगो ने लाठी के दम पर बाहर निकाल दिया। ये घटना भिवानी के तोशाम तहसील में आने वाले एक गांव दुल्हेड़ी की है। पीड़ित बच्चो ने बताया कि गांव में बनी डॉ भीम राव अंबेडकर लाइब्रेरी सभी जातियों के बच्चों के लिए है, लेकिन जातिवादी आतंकियों को ये भला कहां गंवारा है कि दलित और पिछड़ो के बच्चे शिक्षा हासिल करें, बस फिर क्या था, उन लोगो ने पढ़ते हुए बच्चों को लाठियों के दम पर लाइब्रेरी से बाहर निकाल दिया।

वजह साफ थी कि जातिवादी नहीं चाहते कि दलित बच्चे पढ़े, लेकिन इस मामले की जानकारी भीम आर्मी को दी गई..जिसके बाद उन्होंने वहां पहुंच कर बच्चो की मदद की और उन्हें फिर से लाइब्रेरी में पढ़ने भेजा। बच्चों ने बताया कि उन्हें अब भी डर लग रहा है, दबंगो ने साफ कहा कि वो लाठियों से पीटेंगे.. और फिर मारपीट के बदले हम उन पर एससी एसटी एक्ट लगा देंगे। यानि की बात साफ है कि वो अत्याचार करते रहे लेकिन दलित समाज अपने हक की लड़ाई भी न लड़े। हैरानी की बात है कि अब तक पुलिस की तरफ से भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। मतलब दलित समाज की सुरक्षा उनके खुद के हाथों में ही है। अब देखना ये होगा कि क्या ये बच्चें यहां रेगुलर पढ़ सकेंगे।

चंद्र शेखर आजाद के गृहक्षेत्र में दलित महिला का दुष्कर्म

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर से है, जहां भीम आर्मी चीफ के ही गृह क्षेत्र में एक गर्भवती दलित युवती से नर्सिम होम में इलाज के बहाने 4 लोगों ने दुष्कर्म किया.. दिल को झकझोर देने वाली ये घटना पीड़िता के साथ तब हुई जब वो नहटौर से इलाज कराने के लिए धामपुर के एक नर्सिन होम गई हुई थी। पीड़िता 8 महीने की गर्भवती है, वो नर्सिंग होम में रेगुलर चेकअप के लिए आती थी, लेकिन इस बार जब वो जांच के लिए आई तो नर्सिंग होम के संचालक ने उसे बहाने से बुलाया था, जिसके बाद 4 लोगों ने उनके साथ दुष्कर्म किया और धमकी भी दी।

लेकिन पीड़िता ने आरोपियों की करतूत पुलिस को बता दी, जिसके बाद चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया औऱ फिर वो जेल भेज दिये गए है, वहीं आजाद समाज पार्टी के नेता आलोक भारती और मनोज हिटलर खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, और आश्वासन दिया है कि वो आरोपियो को सख्त से सख्त सजा दिलवायेंगे, साथ ही वो इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे औऱ हर संभव मदद करेंगे। हालांकि इस खबर के सामने आने के बाद आजाद पर भी सवालियां निशान खड़े हो गए है कि आजाद के अपने गृह क्षेत्र में दलितों की स्थिति ऐसी है तो वो राज्य के बाकि दलितों की स्थिति को कैसे सुधारेंगे। वैसे ये वाकई में सबसे बड़ा सवाल है।

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