Top 5 Dalit news: कानून हो या प्रशासन, सबकुछ तब धरे के धरे रह जाते है जब दलितों के साथ होने वाले अपराधों पर राजनीति शुरू हो जाती है। मौजूदा समय में दलितों की स्थिति इसलिए भी बदतर हो गई है क्योंकि अब इनपर कानूनी कार्रवाई कम और राजनीति ज्यादा होती है। चंद लोगों की राजनीति के लिए सबसे ज्यादा बलि दलितों और पिछड़ों की ही दी जाती है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
भागलपुर में जातिवादी दबंग की दादागिरी
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला बिहार के भागलपुर से है, जहां एक युवक ने पहले तो दलित समाज से आने वाले पिता पुत्र को जातिसूचक गालियां दी, और जब उन लोगों ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने पिता पर हमला कर दिया। ये घटना भागलपुर के भवानीपुर थाना क्षेत्र नारायणपुर गांव का है। इस घटना का एक वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है। जिसमें आरोपी शिवा यादव हाथों में तमंचा लेकर गालियां देते हुए कई बार फायरिंग करता है। पीड़ित राजकिशोर पासवान ने पुलिस को तहरीर दी थी 27जनवरी को शिवा ने पहले उसके बेटे के साथ गाली गलौच किया था, और उसके करीब एक घंटे बाद उसपर भी हमला कर दिया था जिससे वो घायल हो गया।
पुलिस कंप्लेन की खबर जब शिवा यादव को लगी तो वो भड़क गया और वो तमंचा लेकर पीड़ित के यहां पहुंच गया। उसने कई राउंड फायरिंग करते हुए कैसे वापिस लेने की चेतावनी दी। हालांकि इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और ज्यादा सक्रिय हो गई है आरोपी की धर पकड़ के लिए। भवानीपुर थानाध्यक्ष शुंभ पासवान के मुताबिक आरोपी की तलाश ने कई जगह छापेमारी की गई है, जल्द ही वो पुलिस के शिकंजे में होगा। हालांकि इस हमले के कारण पूरे गांव में डर का माहौल है, और गांव वालों ने सुरक्षा की मांग की है।
आगरा में दलित छात्र के साथ बर्बरता
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के आगरा से है जहां एक 14 साल के मासूम दलित छात्र को केवल इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसपर पानी का पाइप टूटने का आरोप लगा था। ये घटना आगरा के मैनपुरी कुरावली क्षेत्र का है। पीड़ित छात्र के बड़े भाई ने पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। पीड़ित छात्र ने बताया कि स्कूल में लंच ब्रेक के दौरान वो पानी पीने गया था, लेकिन वहां उसने देखा कि पाइप टूटा हुआ था, मगर स्कूल के कमेटी मेम्बर राजीव वर्मा और उसके क्लास टीचर सुखबीर सिंह ने उसपर पाइप तोड़ने का आरोप लगाते हुए उसे बुरी तरह से पीटा, उसे जातिसूचक शब्द कह कर अपमानित किया और उसे दुबारा स्कूल न आने की धमकी भी दी है।
पुलिस ने पीड़ित छात्र के बयान के बाद दोनो आऱोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है, वहीं स्कूल के कमेटी मेम्बर राजीव वर्मा का भी बयान सामने आया कि है कि उनके लगे आरोप झूठे है, घटना के वक्त तो वो स्कूल में मौजूद भी नहीं थे, हालांकि पुलिस ने जांच शुरु कर दी है, जांच के बाद साफ हो जायेगा कि कौन सच बोल कर रहा है और कौन झूठ। फिलहाल अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
मेरठ के कपसाड़ में पीड़ित दलित परिवार है हाउस अरेस्ट
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के मेरठ से है जहां 8 जनवरी 2026 को एक दलित महिला सुनीता देवी की हत्या करने और उसकी बीस साल की बेटी रूबी के अपहरण करने के मामले में पीड़ित परिवार ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल रूबी के पिता सत्येंद्र कुमार ने चोरी छिपे मीडिया कर्मियों से बात की, जिसमें उन्होंने बताया कि रूबी के घर आने के बाद से उन्हें पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया हुआ है। इतना ही नहीं पुलिस लगातार उन पर और उनके परिवार पर दवाब बना रही है कि वो उस मामले को ज्यादा आगे लेकर न जाए। इतना ही नहीं पुलिस न तो पीड़िता परिवार को उनके वकील से मिलने दे रही है और न ही किसी रिश्तेदार से। उन्हें तो ये भी शक है कि उनके फोन टैप्स हो रहे होंगे।
पीड़ित सत्येंद्र कुमार का कहना है कि आरोपी पारस सोम सवर्ण जाति है, इसलिए उसे बचाने के लिए पुलिस भी उसके साथ खड़ी है। आपको बता दें कि 8 जनवरी को सुबह खेतों में जाते वक्त पारस सोम ने सुनीता देवी पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई थी और उनकी बेटी को तमंचे के दम पर अपहरण करके ले गया था। जिसके बाद पुलिस ने तीसरे दिन दोनों को हरिद्वार से बरामद किया था। फिलहाल आरोपी पारस सोम जेल में है और पीड़िता अपने घर पहुंच गई है। पीड़ित परिवार के इस खुलासे के बाद से यूपी में कानून व्यवस्था और दलितों के साथ पुलिस के रवैए पर फिर से सवालियां निशान खड़े हो हुए है।
मध्य प्रदेश में भारत बंद के नाम पर दलितो के साथ अन्नाय
4, दलितों से जुड़ी अगली खबर मध्य प्रदेश के करैरा से है जहां यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण आर्मी संगठन ने जबरन 1 फरवरी को भारत का बंद का ऐलान कर दिया था, और जब करैरा में एक ओबीसी समाज के व्यक्ति ने अपनी दुकान खोली तो भारत बंद के नाम पर जातिवादी दबंगो ने न केवल उसे उल्टा सीधा कहा बल्कि उसकी दुकान में भी तोड़फोड़ की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें दबंग जबरन उनकी दुकानों को बंद कराने के लिए उन पर दवाब डाल रहे है, और जब उन लोगों ने दुकान बंद करने से इनकार कर दिया तो सवर्ण समाज के दबंगों ने दुकानों में तोड़फोड़ की।
आपको बता दें कि 13 जनवरी को यूजीसी के नए नियम आने के बाद से सवर्ण समाज इसका विरोध कर रहा था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसपर स्टे लगा दिया है वहीं स्टे लगने के बाद अब दलित समाज भारी संख्या में विरोध कर रहा है, ऐसे में अब देखना ये होगा कि यूजीसी के नए नियमों को भेदभाव बढ़ाने वाला बताया जा रहा है तो वहीं कानून के विरोध के लिए दलितों और पिछड़ों को ही निशाना बनाया जा रहा है, ऐसे में दलितों के लिए सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला करती है सबकी निगाहें इस पर ही टिकी है।
कुरनूल में दलित नेता की हत्या
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला आंध्र प्रदेश के कुरनूल से है, जहां एक दलित नेता की दिनदहाड़े हत्या कर दी जाती है लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बन कर बैठा हुआ है। राज्य में दलितों से साथ होने वाले भेदभाव और उनपर हमलों को लेकर मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति के कार्य़कर्ताओं समेत SC और ST दलित नेताओं ने कलेक्टर ऑफिस सामने जमकर धरना प्रदर्शन किया। ये घचना पट्टिकोंडा निर्वाचन क्षेत्र के बोंडुमाडुगुला गांव में बोंथिरल्ला रोड की है, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक MRPS कार्यकारी अध्यक्ष, दलित नेता रमेश रोज की तरह सुबह सैर के लिए निकले थे, लेकिन एक ट्रैक्टर से उन्हें पीछे से टक्कर मार दी और फिर हमलावरों ने लोहे की रॉड से उन पर हमला किया था।
घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रथम दृष्टया में हमला, जातिगत और राजनैतिक रंजिश के तहत लग रहा है, लेकिन एक दलित नेता की बेहरमी से हत्या के बाद भी पुलिस के लचर रवैये से दलित समाज में काफी रोष है। वो जगह जगह धरना प्रदर्शन करने लगे है। उन्हें राज्य में दलित नेताओं की सुरक्षा में साफ तौर पर सेंध लगने का डर सताने लगा है। वहीं उन लोगो ने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें सख्त सजा दी जायेगी। हालांकि पुलिस की तरफ से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है।



